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मी टू / केंद्रीय मंत्री अकबर विदेश दौरे से लौटे, यौन उत्पीड़न के आरोपों पर कहा- बयान जारी करूंगा

  • अकबर पर 10 महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए
  • अमित शाह ने कहा था- एमजे अकबर पर लगे आरोपों की जांच की जाएगी
  • कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने अकबर के इस्तीफे की मांग की

नई दिल्ली. मी टू कैम्पेन के तहत आरोपों से घिरे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर रविवार सुबह दिल्ली लौट आए। वे करीब एक हफ्ते से नाइजीरिया दौरे पर थे। अकबर पर 10 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवालों का जवाब नहीं दिया, सिर्फ इतना कहा कि बाद में बयान जारी करेंगे। उधर, भाजपा सूत्रों ने न्यूज एजेंसी से कहा कि अकबर पर लगे आरोप गंभीर हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन पर कोई फैसला ले सकते हैं।

 

मोदी सरकार के मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि अगर आरोप साबित होने पर एमजे अकबर को इस्तीफा दे देना चाहिए। दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस, माकपा और एआईएमआईएम भी अकबर से इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। शनिवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था, ‘‘देखना पड़ेगा कि यह सच है या गलत। हम निश्चित ही इस पर गौर करेंगे। हमें (अकबर के खिलाफ) हुए पोस्ट और पोस्ट करने वाले लोगों की सत्यता जांचनी होगी। आप मेरे नाम से भी कुछ भी पोस्ट कर सकते हैं। लेकिन हम इस पर जरूर सोचेंगे।’’

 

अकबर पर नीदरलैंड की पत्रकार का 10वां आरोप
नीदरलैंड की महिला पत्रकार ने भी अकबर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उसने बताया कि वह 18 साल की थी जब उसने 2007 में नई दिल्ली में एक अंग्रेजी अखबार के लिए रिपोर्टिंग शुरू की थी। अकबर मेरे पिता के दोस्त थे। इसके बावजूद उन्होंने मुझे नहीं छोड़ा। एक बार वे मेरी डेस्क के पास आए। मैं सम्मान में खड़ी हो गई। उन्होंने मेरे कंधों के नीचे हाथ रखा और मुझे जकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने जबर्दस्ती मुझे किस किया। इससे पहले कई महिला पत्रकार पूर्व संपादक अकबर पर शोषण के आरोप लगा चुकी हैं।

 

मेनका गांधी का प्रस्ताव- 4 रिटायर्ड जजों की कमेटी बनेगी

केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार मी टू कैम्पेन के तहत सामने आ रहे मामलों की जनसुनवाई के लिए चार रिटायर्ड जजों की कमेटी बनाएंगी। मुझे उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिलाओं पर भरोसा है और उनके दर्द का एहसास भी है। हम कमेटी बनाने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल के सामने रखेंगे। कमेटी के गठन के बारे में उन्होंने बताया कि न्यायाधीशों का समूह कुछ मामलों की स्वतंत्र रूप से जांच करेगा और सलाह देगा।

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