नई दिल्ली 

 
आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को इंदिरा एकादशी (Indira Ekadashi 2020) के नाम से जाना जाता है. यानी पितृपक्ष (Pitra paksha 2020) में पड़ने वाली एकादशी ही इंदिरा एकादशी होती है. पितृपक्ष की वजह से एकादशी का महत्व काफी बढ़ जाता है. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्राद्ध (Shradh 2020) कर्म से पितरों की आत्मा को शांति मिलती और वे हर संकट से आपकी रक्षा करते हैं. इस बार इंदिरा एकादशी रविवार, 13 सितंबर को मनाई जा रही है.

इंदिरा एकादशी का समय
हिंदू पंचांग के अनुसार, इंदिरा एकादशी रविवार, 13 सितंबर 2020 को सुबह 04.13 पर प्रारंभ होगी. इंदिरा एकादशी तिथि का समापन अगले दिन सोमवार, 14 सितंबर 2020 को देर रात 03.16 पर होगा.

इन बातों का ध्यान रखें
इंदिरा एकादशी का व्रत रखने वालों को कुछ विशेष बातें ध्यान रखनी चाहिए. ये पवित्र दिन भगवान विष्णु को समर्पित हैं. इसलिए इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु की उपासना करें. खासतौर से जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें भगवान विष्णु की सच्चे मन से पूजा करनी चाहिए. भगवान विष्णु को चावल का भोग प्रिय है, इसलिए आप चावल से बनी किसी चीज का भोग लगा सकते हैं. कुछ लोग इस दिन शालीग्राम की भी पूजा करते हैं.

बता दें कि आश्विन मास में भगवान विष्णु की पूजा का बड़ा महत्व बताया गया है. पुराणों के अनुसार, जितना पुण्य कन्यादान और हजारों वर्षों की तपस्या के बाद मिलता है उससे कई अधिक यह व्रत करने से मिलता है. पितृपक्ष के दौरान आने वाली एकादशी पर यदि आप श्राद्ध कर्म करें तो निश्चित तौर पर पितरों की आत्मा को बड़ी शांति मिलती है. ऐसा करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पितृ आपको संकटों से भी मुक्त रखते हैं.

Source : Agency