रतलाम
सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है कि सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योग प्रोत्साहन योजना तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के बकाया अनुदान की लगभग 80 प्रतिशत राशि आगामी दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह तक जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विकसित क्षेत्र के अलावा अविकसित भूमि भी औद्योगिक इकाई स्थापना के लिए दी जाएगी। यदि औद्योगिक एसोसिएसन इच्छुक होंगे तो विकसित औद्योगिक क्षेत्रों के मेंटेनेंस का जिम्मा भी उनको सौंपा जा सकेगा।

मंत्री सखलेचा रतलाम में औद्योगिक संघ की बैठक को सम्बोधित कर रहे इस अवसर पर विधायक रतलाम शहर चैतन्य काश्यप, विधायक रतलाम ग्रामीण दिलीप मकवाना, राजेंद्रसिंह लुनेरा, मालवा चेंबर ऑफ कॉमर्स एसोसिएशन के सचिव, जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष सहित अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री सखलेचा ने कहा कि राज्य शासन प्रदेश में उद्योगों के विकास खासतौर पर लघु एवं मध्यम उद्योग इकाइयों के विकास एवं विस्तार के लिए कृत-संकल्पित है। लघु-मध्यम इकाइयां बड़ी संख्या में रोजगार देती हैं जो लॉकडाउन के बाद एवं कोरोना कॉल में बहुत जरूरी है। इस संबंध में वेबीनार आयोजित किये गये। आत्मनिर्भर भारत एवं मध्यप्रदेश की अवधारणा के साथ हर जिला आत्मनिर्भर बने, हम किफायती दरों पर सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योगों को बिजली देंगे। दरों को कम से कम किया जा रहा है, उद्योगपतियों की सहूलियत के लिए प्रॉपर्टी टैक्स के संबंध में भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। समय अंतराल में उद्योगों और श्रमिकों के मध्य कांट्रेक्टर्स की बड़ी संख्या उत्पन्न हो गई है, इस ट्रेंड को कम किया जाएगा। नवीन औद्योगिक इकाइयों में शासन के प्रावधान अनुसार आरक्षित वर्ग को रोजगार देने वाली इकाई को अतिरिक्त अनुदान देने पर शासन विचार कर रहा है।

मंत्री सखलेचा ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर लॉजिस्टिक क्लस्टर की स्थापना, एक्सपोर्ट हब तथा प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग उद्योग इकाइयों की स्थापना के वृहद प्रयास शासन द्वारा किए जा रहे हैं। नए एंटरप्रेन्योर को मार्गदर्शन देने की व्यवस्था की गई है ताकि औद्योगिक क्षेत्र में युवा आगे आएं, स्वरोजगार करें। एंटरप्रेन्योर स्किल बेस्ड योजनाएं सदैव सफल रहती हैं। सेवा उद्योगों, मैरिज गार्डन इत्यादि के लिए स्पष्ट गाइड लाइन बनाई जाएगी जो समय और परिस्थिति के अनुसार रहेगी।

सखलेचा ने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे अपने सुझाव कलेक्टर या जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अथवा पोस्ट द्वारा उन्हें प्रेषित कर सकते हैं, अच्छे सुझाव पर अमल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम एग्जिट पालिसी भी बना रहे हैं जिससे उद्योगपति चाहे तो अपने ट्रेंड से बाहर निकलकर नवीन औद्योगिक कार्य कर सकेगा। सखलेचा ने इस अवसर पर इंडस्ट्रीज रिवॉल्यूशन इन रतलाम हिस्ट्री ब्रोशर का विमोचन भी किया। इस दौरान विधायक चैतन्य काश्यप और शरगी दिलीप मकवाना ने भी सम्बोधित किया।

मंत्री सखलेचा ने कहा कि कोरोना काल में सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योगों को 20 प्रतिशत ज्यादा कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई गई है ताकि औद्योगिक विकास सतत बना रहे।मंत्री सखलेचा ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन द्वारा बैंकर्स के साथ आयोजित की जाने वाली बैठकों में क्षेत्रीय सांसद तथा विधायकों को भी आमंत्रित किया जाए। इस अवसर पर औद्योगिक संघ के पदाधिकारियों द्वारा मंत्री सखलेचा को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।

Source : Agency