उज्जैन
बड़नगर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी कुलदीप किंशुक के घर पर मंगलवार सुबह लोकायुक्त पुलिस की टीम कार्रवाई करने पहुंची। किंशुक के उज्जैन और माकडोन स्थित तीन मकानों पर पहुंची टीम। हालांकि एक मकान पर ताला लगा हुआ मिला। आय से अधिक संपत्ति की‌ जांच के लिए जारी इस कार्रवाई में अभी तक तीन करोड़ रुपए की संपत्ति का पता लगा है।

40 बैंक खाते मिले

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार किंशुक 15 साल से शासकीय सेवा में हैं। इस‌ दौरान उन्हें करीब 60 लाख रुपये वेतन मिला है। जांच में किंशुक और उनके स्वजनों के नाम पर कुल तीन करोड़ से अधिक संपत्ति होने का पता चला है। वहीं 40 बैंक खातों की भी जानकारी मिली है।

सीएमओ को 16 साल की नौकरी में 30 लाख रुपए सैलरी मिली

बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि सीएमओ के खिलाफ जांच में यह पता चला कि 16 साल की नौकरी में इन्हें करीब 30 लाख रुपए सैलरी मिली। लेकिन शुरुआती जांच में ही करोड़ों की संपत्ति सामने आई है। जांच में एक मकान माकड़ौन में, दो लग्जरी कार, दो स्कूटी, दो बाइक, साढ़े 3 एकड़ जमीन, उज्जैन रेलवे स्टेशन के सामने कमर्शियल निर्माण की परमिशन ले रखी है, बिल्डिंग का काम भी चल रहा है। संभवत: होटल बना रहे हैं। इसके अलावा उज्जैन में एक दो मंजिला मकान, 4 लाख नकदी, सोने-चांदी के लाखों के जेवर मिले।

तीन करोड़ की संपति होने का पता चला

श्रीवास्तव के अनुसार, सीएमओ के खिलाफ तीन करोड़ की संपत्ति होने का पता चला है। माकड़ौन में कैश और ज्वैलरी मिली है। 2004 में इन्होंने पंचायत सचिव के पद पर कार्य करना शुरू किया था। अभी ये राजस्व निरीक्षक के पद पर हैं। अभी इन्हें प्रभारी सीएमओ बड़नगर का प्रभार भी मिला है। दबिश के दौरान इनका एक दोस्त भी उनके घर पर सोते हुए मिला। इन्होंने अपने उस दोस्त के नाम पर ही कार समेत कई संपत्ति खरीदी हैं। जांच में यह भी पता चला है कि इसके अलावा भी कुछ दोस्तों के नाम पर इन्होंने प्रॉपर्टी खरीदी है।

अब तक यह मिला

    4 लाख के करीब कैश।
    लाखों के सोने-चांदी के जेवर, आकलन किया जा रहा है।
    माकड़ौन में साढ़े तीन एकड़ जमीन।
    माकड़ौन, बड़नग और उज्जैन में 6 मकान। (इसमें दो मकान रिलेटिव के नाम)
    1 कमर्शियल कॉम्प्लेक्स उज्जैन में।
    दोस्तों के नाम से प्रॉपर्टी खरीदने की जानकारी भी मिली।
    परिवार में 40 बैंक खाते।

Source : Agency