भोपाल
मप्र लोक सेवा आयोग के प्री-एग्जाम हुए आठ माह से ज्यादा हो गए फिर भी अभी तक इसका रिजल्ट घोषित नहीं किया जा सका। इस मामले में आयोग की दलील है कि जब तक ओबीसी आरक्षण विवाद नहीं सुलझ जाता तब तक इसका रिजल्ट घोषित नहीं किया जा सकेगा। अभी यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इधर पिछले दो सालों से स्टेट एडमिनिस्टेÑशन सर्विस में जाने का सपना संजोए बैठे 3 लाख 65 हजार आवेदकों की उम्मीदों पर पानी फि र रहा है। आवेदकों का कहना है कि आयोग इस मामले में गंभीर नहीं है।

गौरतलब है कि एमपीपीएसी की प्रारंभिक परीक्षा जनवरी 2020 में आयोजित की गई थी। तब 3 लाख 65 हजार आवेदकों ने एग्जाम कंडक्ट किया था। एग्जाम के बाद आयोग ने फाइनल आंसरशीट व स्कोर कार्ड ही जारी कर सका। इसके  बाद ओबीसी आरक्षण का विवाद हाईकोर्ट में पहुंच गया। जिसके बाद से हाईकोर्ट भर्ती प्राकिया यथावत करने के निर्देश दिए।

आयोग के मुताबिक यह भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए कम से चार महीने का समय चाहिए। क्योंकि इस बीच मेंस के एग्जाम की तैयारियां व उसका रिजल्ट जारी करना होगा। इसके बाद इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों का चयन एवं पैनल का गठन करना होगा। यदि अभी भी यह विवाद नहीं सुलझ पाता तो इसका असर आगामी भर्ती में देखने को मिलेगा। वैसे भी एक साल के गैप के बाद यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी।

Source : Agency