ग्वालियर/मुरैना
कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए किसानों की महापंचायत आज दोपहर बाद मुरैना में होने जा रही है। किसान पंचायत में कृषि कानून किस कदर किसानों के लिए नुकसानदेह साबित होंगे, इसको लेकर केंद्र सरकार को घेरा जाएगा। खाट महापंचायत में शामिल होने के लिए प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव निजी विमान से ग्वालियर पहुंचे यहां से हैलिकॉप्टर से मुरैना रवाना हुए।

किसान महापंचायत में शामिल होने आए पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल मुरैना रवाना होने से पहले आज सुबह कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही हैं। कुछ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के चक्कर में देश के किसानों की आजीविका को दांव पर लगा दिया है। इन कानूनों की वजह से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। खेती किसानों भी उद्योगपतियों के हाथ चली जाएगी। सरकार ने कानूनों में उद्योगपतियों के लिए भंडारण की सीमा को समाप्त कर दिया है। पैसे के बलबूते वे अब चाहे जितना भंडार कर सकते है, इसके बाद अनाज की ब्लैक मार्केटिंग करेंगे।

वहीं समर्थन मूल्य, अनाज मंडी तक को खत्म कर दिया जाएगा। इसी वजह से किसानों के लिए आज क्वारी नदी के किनारे यह किसान महापंचायत बुलाई गई है। जिसमें  मुकुल वासनिक, अजय सिंह राहुल भैया, डा. गोविंद सिंह, पीसी शर्मा, पूर्व मंत्री लाखन सिंह सहित सभी वरिष्ठ कांग्रेस के नेता इसमें शामिल हो रहे हैं।  इससे  पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं दिग्विजय सिंह मानपुर गांव पहुंचे यहां जहरीली शराब से मृत हुए परिजन से भी मिलकर सांत्वना दी।

कमलनाथ ने किसानों से कहा- आपको तय करना है, कार्पोरेट गुलामी या खेती का अधिकार
मुरैना खाट महापंचायत में आए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किसानों से कहा कि आपको तय करना है कि और कार्पोरेट गुलामी करना है या खेती का अधिकारी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह किसानों के हक मारकर सड़क पर लाना चाहती है, लेकिन कांग्रेस किसान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार जो कृषि कानून लाई है। उसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं किया जाना चाहिए। यह कानून चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए लाया गया है।

 

 

Source : Agency