इंदौर
 मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में ठग ने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया को 2 लाख रुपए का चूना लगा दिया. इस बात का खुलासा तब हुआ जब बैंक अधिकारियों ने कैश डिपॉजिट मशीन को खोला और लेजर मिलान किया. मिलान के दौरान जमा और निकासी में 2 लाख दस हजार रुपए कम पाए गए.

बैंक अधिकारियों ने पड़ताल की तो पता चला कि अलग-अलग ब्रांच में कुल तीन जगह इसी तरह की वारदात हुई है. अधिकारियों की शिकायत पर राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. दरअसल कैश डिपॉजिट मशीन में अक्सर लोग नगदी जमा करने का ही काम करते हैं. बहुत कम लोगों को ही इस बात की जानकारी है कि इससे नगदी निकासी ( आहरण) भी किया जा सकता है.

हाथ अटकाकर रोक दिया मशीन का शटर

इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए एक शातिर ठग ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया. एक एटीएम कार्ड होल्डर इंदौर के राजेंद्र नगर थाना इलाके में स्थित केशर बाग़ एटीएम बूथ में दाखिल हुआ. उसने एटीएम कार्ड से डिपॉजिट मशीन से पैसे निकालने की प्रक्रिया की. ठग ने दस हजार रुपए  कैश निकाले. जब पैसे बाहर आए तो शख्स ने पैसे निकाल लिए और ऑटोमेटिक बंद होने वाले शटर पर दबाव डाल अपना हाथ अटका दिया.
21 बार निकाले रुपए

इस दबाव के कारण मशीन में एक खास एरर मेसेज शो होने लगा. साथ ही मशीन ने प्रदर्शित किया कि आपकी राशि नहीं निकाली जा सकी, जबकि डिपॉजिट चैंबर में आई हुई राशि को एटीएम कार्ड होल्डर पहले ही प्राप्त कर चुका था. शातिर ठग ने 21 बार इस तरह रुपए निकाले. हालांकि इस दौरान बूथ पर सुरक्षा गार्ड भी मौजूद था, लेकिन सुरक्षा, सुविधा, और गोपनीयता के लिहाज से पैसे की निकासी के दौरान वह कार्ड धारक से दूर बना रहा.

सीसीटीवी देखने के बाद समझ आई हेराफेरी

घटना के काफी वक़्त तक बैंक भी अंजान रही. बैंक अधिकारियों ने जब मशीन खोली और पैसों की गिनती हुई तब हेरफेर समझ आया. शंका होने पर ब्रांच में मौजूद अधिकारियों ने सीसीटीवी खंगाले तो आरोपी छेड़खानी करते नजर आया. इसके बाद अधिकारियों को यह समझ आया की ठग ने बैंक को ही चूना लगा दिया. अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों तक इस अपराध की जानकारी दी. इसके बाद बैंक ने सभी ब्रांच को एक अलर्ट जारी कर खास ख्याल रखने के निर्देश दिए. बैंक अधिकारियों की शिकायत के बाद राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

Source : Agency