जल संसाधन मंत्री सिलावट ने ईएनसी ऑफिस का निरीक्षण किया

भोपाल

 जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भोपाल में प्रमुख अभियंता ऑफिस पहुँचकर विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की और विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सिंचाई परियोजनाओं के लिए समय सीमा में काम पूर्ण करने के लिए त्रैमासिक रिपोर्ट बनाई जाए।

मंत्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश के अधिकतर डैम क्षमता के 80 प्रतिशत और कुछ डैम 70 प्रतिशत तक भर चुके हैं। यह प्रदेश के किसानों और जनता के लिए उपयोगी होंगे, अभी भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में वर्षा से पानी भराव लगातार जारी है। किसानों को रबी की फसल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। नवीन सिंचाई परियोजना के टेंडर करने से पहले संबंधित क्षेत्र में सिंचाई की आवश्यकताओं के आधार पर ही प्राथमिकता से काम शुरू किया जाये।

 मंत्री सिलावट ने कहा कि जो सिंचाई परियोजना पूर्ण हो रही हैं उनके संबंध में जानकारी अद्यतन कर लोकार्पण के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना के हितग्राही किसानों का सम्मेलन भी आयोजित किया जाए और किसानों की समस्याओं का पूर्णत: निराकरण करने के बाद ही परियोजना का शुभारंभ किया जाए। इसके लिए हितग्राही किसानों से चर्चा की जाए और परियोजना के संबंध में किसानों को व्यापक जानकारी दी जाए।

 प्रमुख अभियंता डावर ने बताया कि कुंडलियां परियोजना में 20 हजार हेक्टेयर की सिंचाई होगी जिसका लोकार्पण अक्टूबर में किया जाना प्रस्तावित है। मोहनपुरा कुंडलियां परियोजना से कुल 1 लाख 45 हजार हेक्टेयर में सिंचाई प्रस्तावित है जिसमें से कुंडलियां परियोजना पूर्ण हो चुकी है। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री सिलावट ने प्रमुख अभियंता ऑफिस का निरीक्षण किया

 मंत्री सिलावट ने जल संसाधन भवन का औचक निरीक्षण किया और भवन में साफ सफाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए और कार्यालय प्रमुख को कार्यालय में आने वाले प्रत्येक आगंतुक की प्रवेश रजिस्टर में इंट्री करने को कहा। मंत्री ने विभाग के सभी अधिकारियों को कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए सभी को मास्क लगाने और सेनेटाइजर का उपयोग करने के लिए बाहर ही डिस्पेंसर भी लगाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग की संचालित परियोजना की अद्यतन जानकारी को प्रदर्शित किया जाए और उसके संबंध में बुकलेट भी जारी की जाए।