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हरियाणा में 44 जूनियर कोचों पर गिरी गाज, जांच में अयोग्य पाए गए, नौकरी पर मंडराया खतरा

चंडीगढ़ 
हरियाणा खेल विभाग में कार्यरत 44 जूनियर कोचों की नौकरी पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। विभागीय जांच में ये सभी खिलाड़ी हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी (ग्रुप-A, B और C) सेवा नियम-2021 की शर्तों को पूरा नहीं करते पाए गए हैं। अब राज्य सरकार को इनके भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय लेना है।

जानकारी के अनुसार, इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने के आधार पर जूनियर कोच (OSP) के पद पर नियुक्त किया गया था। हालांकि 2021 में लागू सेवा भर्ती नियमों के तहत यह अनिवार्य है कि संबंधित खिलाड़ी ने ओलंपिक में शामिल खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। जांच में सामने आया कि 44 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया है, जिससे वे नियमों के तहत अयोग्य हो गए।

कोर्ट पहुंचा था मामला
खेल विभाग ने पिछले साल इन खिलाड़ियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जहां प्रिया सांगवान केस के आधार पर खिलाड़ियों को अस्थायी राहत मिल गई थी। लेकिन खेल विभाग ने इस आदेश के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) दायर की, जिस पर स्टे हटा लिया गया। अब विभाग को कानूनी रूप से निर्णय लेने का अधिकार मिल गया है।
 
नौकरी पर मंडराया खतरा
सूत्रों के मुताबिक, मामले में कानूनी सलाह लेने के लिए फाइल एडवोकेट जनरल कार्यालय को भेजी गई है। यदि वहां से कोई राहत नहीं मिलती है तो इन 44 खिलाड़ियों को नौकरी से हटाया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट का फैसला विभाग के पक्ष में आ चुका है, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले विधिक राय लेना आवश्यक है।

आवेदन रद्द होने खुला भेद
इस मामले से जुड़ा एक और पहलू भी सामने आया है। खेल विभाग ने 2018 की नीति और 2021 के नियमों के तहत कुल 77 खिलाड़ियों को नियुक्त किया था। इनमें से करीब 50 अन्य खिलाड़ियों के आवेदन पहले ही खारिज कर दिए गए थे, जिसके बाद उन्होंने भी कोर्ट का रुख किया। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 44 जूनियर कोचों को अनजाने में नियुक्ति दे दी गई थी। 

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