प्रदेशमध्य प्रदेश

भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में सादे कपड़ों में गश्त करेंगे जवान, नया सुरक्षा मॉडल लागू

भोपाल
 भोपाल से हर दिन हजारों यात्री लंबी दूरी और लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं। यात्रियों की इसी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने वर्ष 2025 में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। पिछले साल सामने आई चोरी और असुरक्षा की घटनाओं से सबक लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने मिलकर नया सुरक्षा मॉडल लागू किया है। अब ट्रेनों में लगातार गश्त, सादे कपड़ों में जवानों की तैनाती और तकनीकी निगरानी बढ़ा दी गई है।

भोपाल मंडल से गुजरने वाली प्रमुख एक्सप्रेस और भीड़भाड़ वाली ट्रेनों पर खास नजर रखी जा रही है। रात के समय यात्रा करने वाले कोच और संवेदनशील ट्रेनों में चेकिंग तेज की गई है। वर्ष 2025 में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में 160 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 125 मामलों में चोरी गया सामान बरामद किया गया। करीब 33 लाख रुपये की रिकवरी हुई है। राहत की बात यह है कि चोरी हुए मोबाइल फोन में से लगभग आधे यात्रियों को वापस मिल चुके हैं।

सीसीटीवी कैमरे लगाए गए

बिलासपुर एक्सप्रेस और इंदौर एक्सप्रेस में चोरी की शिकायतें ज्यादा मिलने के बाद इन ट्रेनों को विशेष निगरानी में रखा गया है। साथ ही इटारसी से रानी कमलापति स्टेशन के बीच के हिस्से को सेंसिटिव जोन घोषित किया गया है। यहां अतिरिक्त पेट्रोलिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने जीरो टालरेंस नीति अपनाई है। छेड़छाड़ के मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा रही है। पहले जहां मामलों के निपटारे में महीनों लग जाते थे, अब औसतन दो महीने में ही केस सुलझाए जा रहे हैं।
ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

    भोपाल से गुजरने वाली और यहां से चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगातार गश्त, सादे कपड़ों में तैनाती और तकनीकी निगरानी के जरिए ट्रेनों के अंदर होने वाली घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा रहा है। – एमएस सोमवंशी, थाना प्रभारी, आरकेएमपी

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button