बीजेपी को BMC में पहली बार बहुमत, फडणवीस और शिंदे के जाल में फंसे ‘ठाकरे ब्रदर्स’

मुंबई
बीएमसी चुनाव रिजल्ट के रुझानों में अबकी बार भाजपा सरकार की झलक दिख गई है. बीएमसी में पहली बार भाजपा का कब्जा होता दिख रहा है. उद्धव की शिवसेना संग क्लोज फाइट के बाद भाजपा ने लंबी छलांग लगा दी है. बीएमसी चुनाव 2026 के रुझानों में भाजपा वाला महायुति 109 सीटों से आगे चल रहा है. वहीं ठाकरे ब्रदर्स 64 सीटों पर सिमटते दिख रहे हैं. रुझानों अगर ऐसे ही नतीजों में बदलते हैं
बीएमसी यानी बृहन्मुंबई नगर निगम
चुनाव के रिजल्ट में भाजपा बाला साहेब ठाकरे की विरासत को खत्म करती दिख रही है. ठाकरे दोनों भाई अपने किले को बचाने आए थे, मगर ऐसा लग नहीं रहा कि बीएमसी का ताज बच पाएगा. भाजपा और शिंदे वाली शिवसेना बीएमसी पर कब्जा जमाते दिख रहे हैं. बीएमसी चुनाव 2026 के लिए आज सुबह 10 बजे सो वोटों की गिनती जारी है. अभी केवल रुझान आएं हैं, दोपहर के बाद बीएमसी चुनाव के नतीजे साफ हो जाएंगे. बीएमसी चुनाव रिजल्ट के लिए मतगणना स्थल पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था है. बीएमसी चुनाव में सभी ‘एग्जिट पोल’ ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन की स्पष्ट जीत और शिवसेना (यूबीटी)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की हार का अनुमान जताया है. ‘माई एक्सिस इंडिया’ के ‘एग्जिट पोल’ के अनुसार, भाजपा-शिवसेना गठबंधन देश की वाणिज्यिक राजधानी में 131-151 सीट जीतकर 42 फीसदी मत प्रतिशत हासिल करने की स्थिति में है. वहीं, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के शिवसेना (उबाठा)-मनसे-राकांपा (एसपी) गठबंधन के 58-68 सीट जीतने और 32 फीसदी मत प्रतिशत हासिल करने की उम्मीद है.
अरुण गवली की बेटी चुनाव हारीं
गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गवली की बेटी योगिता गवली 2026 के बीएमसी चुनाव हार गई हैं. सियासत में गवली परिवार की अगली पीढ़ी की यह चुनावी शुरुआत असफल रही है. योगिता गवली ने बायकुला-चिंचपोकली क्षेत्र के वार्ड नंबर 207 से अपने पिता अरुण गवली द्वारा स्थापित क्षेत्रीय पार्टी अखिल भारतीय सेना (ABS) के टिकट पर चुनाव लड़ा था.
बीजेपी को बहुमत मिला
बीजेपी में पहली बार बीजेपी + को बहुमत मिल गया है. ताजा रुझानों में बीजेपी + 115 सीटों पर आगे चल रहा है. इससे पहले लगातार यह सवाल पूछा जा रहा था कि क्या राज और उद्धव के हाथ मिलाने से बीजेपी को नुकसान होगा लेकिन चुनावी रुझानों ने साफ कर दिया है कि अब उद्धव गुट की शिवसेना की विदाई अब तय है. अभी तक 201 सीटों के रुझान आ गए हैं जिसमें से बीजेपी + को 115 तथा उद्धव सेना गठबंधन को 68 सीटें मिलती दिख रही है. इसके अलावा 10 सीटों पर कांग्रेस है.
RSS के गढ़ में भाजपा की लहर
नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ के तौर पर देखा जाता है। इसी शहर से संघ की स्थापना हुई थी और यहीं पर उसका मुख्यालय भी बीते 100 सालों से है। इसलिए भाजपा भी यहां जीत की उम्मीद रखती रही है। शुक्रवार को आए निकाय चुनाव के नतीजों में में भाजपा की यह उम्मीद सिरे चढ़ती दिख रही है। अब तक आए रुझानों में कुल 151 वार्डों में से 94 पर अकेले भाजपा ही आगे है। अब तक 129 सीटों के ही रुझान सामने आए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि कुल 151 सीटों के रुझान आने तक भाजपा अपने ही दम पर सेंचुरी लगा सकती है। वहीं भाजपा की सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को अब तक 2 सीटों पर ही बढ़त मिली है।
यह शहर इसलिए भी अहम है क्योंकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यहीं के हैं और नितिन गडकरी भी इसी शहर से सांसद हैं। अब तक के रुझानों में एनसीपी को महज 1 सीट पर बढ़त है। इसके अलावा कांग्रेस 31 सीटों पर लीड के साथ दूसरे नंबर पर है। लेकिन हालात ऐसे हैं कि भाजपा के मुकाबले कोई भी दूर-दूर तक नहीं दिख रहा है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना को तो सिर्फ एक ही सीट पर बढ़त मिली है। भाजपा को बीएमसी में भी बड़ा फायदा होता दिख रहा है और दशकों के बाद ठाकरे परिवार का वर्चस्व मुंबई की सत्ता से खत्म हो जाएगा।
पुणे और बीएमसी में भी भाजपा की लहर, उद्धव और पवार पस्त
बीएमसी में भाजपा 65 सीटों पर आगे है, जबकि शिंदे की शिवसेना 18 पर आगे चल रही है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना 52 सीटों पर आगे चल रही है और कांग्रेस को महज 11 सीटों पर ही लीड है। अब बात पुणे की करें तो यहां भी नागपुर जैसे ही हालात हैं। भाजपा गठबंधन को अब तक 47 सीटों पर लीड मिली है, जबकि शरद पवार और अजित पवार की एनसीपी मिलकर भी 15 सीटों पर ही आगे हैं। कांग्रेस को तो 4 सीटों पर ही बढ़त मिल पाई है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना सिर्फ एक सीट पर आगे चल रही है। बता दें कि पुणे में अपनी ताकत ज्यादा बताते हुए अजित पवार गठबंधन से अलग राह पर चले थे। अब जो रुझान हैं, वह पवार परिवार को झटका देने वाले हैं।
बहुमत के करीब बीजेपी
बीएमसी में भारतीय जनता पार्टी पहली बार बहुमत के करीब पहुंच गई है. अभी तक 227 में से 172 सीटों के रुझान आए हैं जिसमें से 108 पर बीजेपी गठबंधन आगे है जबकि उद्धव शिवसेना गठबंधन महज 56 सीटों पर ही आगे चल रहा है और 3 पर कांग्रेस आगे है. बहुमत का आंकड़ा 114 का है.
मुंबई में बीजेपी गठबंधन की 'महा-बढ़त', जमाई 'सेंचुरी'
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के 227 वार्डों के लिए जारी मतगणना में अब तस्वीर साफ होने लगी है. ताजा रुझानों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला 'महायुति' गठबंधन की बढ़त 102 सीटों की हो गई है. वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की मनसे का गठबंधन (UBT+) फिलहाल 57 सीटों पर ही आगे चल रहा है.
नवाब मलिक के भाई चुनाव हारे
एनसीपी शरद पवार के उम्मीदवार और नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक वार्ड 165 से चुनाव हार गए हैं. यहां से कांग्रेस के अशरफ आज़मी जीत गए हैं. इसके अलावा मुंबई में 7 उम्मीदवार विजेता घोषित किए गए हैं जिसमें शिवसेना के 3 उम्मीदवार शामिल हैं.
बीएमसी चुनाव रिजल्ट 2026 के रुझानों में भाजपा शतक के करीब पहुंच चुकी है. बीएमसी चुनाव में महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसका मतलब है कि बीएमसी से अब ठाकरे का राज खत्म हो चुका है. अगर नतीजे ऐसे ही रहते हैं तो बीएमसी में पहली बार भाजपा का कब्जा होगा. अभी भाजपा 96 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि उद्धव की शिवसेना 57 सीटों पर ही लीड करती दिख रही है. इस बहुमत का मतलब है कि भाजपा का अब बीएमसी में मेयर होगा.
उद्धव ठाकरे की शिवसेना संग काफी समय तक क्लोज फाइट में रहने के बाद भाजपा ने बड़ी छलांग लगा दी है. भाजपा अब 78 सीटों पर आगे चल रही है. रुझानों में भाजपा बीएमसी पर राज करती दिख रही है. भाजपा और शिंदे वाली शिवसेना ने बहुत बड़ी बढ़त बना ली है. वहीं, ठाकरे ब्रदर्स वाला गठबंधन 64 सीटों पर लड़खड़ाया दिख रहा है.




