
पटना.
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षा सोमवार से प्रारंभ हो गई। यह परीक्षा 13 फरवरी तक चलेगी। राजधानी के परीक्षा केंद्रों पर सुबह 7.30 बजे से ही विद्यार्थी आने लगे थे। सुबह आठ बजे तक गेट पर विद्यार्थियों की काफी भीड़ जुट गई। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों में सुबह 8.30 से 8.59 बजे तक प्रवेश दिया गया।
ठीक सुबह नौ बजते ही केंद्रों का गेट बंद कर दिया गया। उसके बाद भी विद्यार्थियों के आने का सिलसिला जारी रहा। हालांकि, काफी प्रयास करने के बाद भी विद्यार्थियों को नौ बजे के बाद केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। राजधानी में स्थित बांकीपुर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय केंद्र पर तीन छात्राएं नौ बजे के बाद केंद्र पर पहुंचीं, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिला। कुछ देर बाद दो छात्राएं गेट फांदकर अंदर प्रवेश कर गई। इसी तरह रघुनाथ बालिका उच्च माध्यमिक, कंकड़बाग में 10, कमला नेहरू बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 10, राजेंद्र बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय में चार, पटना कोलजिएट में तीन और बीएन कालेजिएट स्कूल में चार छात्र विलंब से आने के कारण परीक्षा देने से वंचित हो गए।
परीक्षा से वंचित छात्राओं का रो-रोकर बुरा हाल
बांकीपुर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर उत्क्रमित सेकेंडरी स्कूल कुकरी, फुलवारीशरीफ की एक और कमला नेहरू बालिका उच्च माध्यमिक माध्यमिक विद्यालय, यारपुर, गर्दनीबाग की दो छात्राएं पांच मिनट विलंब से परीक्षा देने पहुंची। उनके आते-आते परीक्षा केंद्र का गेट बंद हो चुका था। केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं मिलने पर तीनों छात्राएं रोने लगीं। छात्राओं को रोते देख अभिभावकों ने हंगामा किया, लेकिन उनकी एक नहीं चली, तब तक सुबह 9.30 परीक्षा प्रारंभ हो चुकी थी। परीक्षा केंद्र के अंदर लाउडस्पीकर से घोषणा की गई कि परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है, अभिभावक गेट से हट जाएं। तैनात पुलिस कर्मियों ने हंगामा कर रहे अभिभावकों को वहां से हटाया।
दो बार परीक्षार्थियों की हुई जांच, 15 मिनट दिया अतिरिक्त समय
परीक्षार्थियों को जांच के बाद ही परीक्षा केंद्रों में जाने की इजाजत दी गई। गेट पर ही मजिस्ट्रेट की देखरेख में चिट-पुर्जे व मोबाइल की तलाशी ली गई। जिन छात्रों के पास चिट-पुर्जे मिले, उन्हें अगली बार ऐसी गलती नहीं करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया।
इंटर परीक्षा में पहले दिन 26 विद्यार्थी किए गए निष्कासित
इंटरमीडिएट परीक्षा पहले दिन पूरे राज्य से कदाचार के आरोप में 26 विद्यार्थियों को परीक्षा से निष्कासित किया गया। वहीं, शेखपुरा जिले से एक छात्र को दूसरे के बदले परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। बिहार बोर्ड के अनुसार गया से एक, जहानाबाद से तीन, नवादा से 13, गोपालगंज से तीन, मधेपुरा से दो, भागलपुर से दो, अररिया और कटिहार से एक-एक विद्यार्थी को कदाचार के आरोप में परीक्षा से निष्कासित किया गया है।
हेलमेट से डीईओ की गाड़ी का शीशा तोड़ा
इंटरमीडिएट परीक्षा का निरीक्षण करने पहुंचे जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) साकेत रंजन को अभिभावकों के गुस्सा का शिकार होना पड़ा। डीईओ कमला नेहरु बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, यारपुर गर्दनीबाग केंद्र परीक्षा का निरीक्षण करने पहुंचे। इस बीच जिनकी बच्चों की परीक्षा छूटी उनके अभिभवकों ने उनके गाड़ी की पीछे वाले हिस्से पर हेलमेट से हमला कर दिया। इस वजह से गाड़ी के पीछे का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। अभिभावकों का आरोप था कि प्रवेश पत्र पर परीक्षा केंद्र का गलता पता अंकित होने के कारण केंद्र खोजने में विलंब हो गया और परीक्षा छूट गई। इसके बाद दर्जनों अभिभावकों ने डीईओ की गाड़ी घेर लिया। डीईओ ने आश्वासन दिया कि जिनकी परीक्षा छूटी उनको फिर से मौका दिया जाएगा। अभिभावकों ने डीईओ की बातों को मानने से इन्कार दिया। कोई बड़ी घटना घटती इससे पहले डीईओ यहां चले गए।




