
पटना.
नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार की अधिसूचना के आलोक में नगर निगम ने संपत्ति कर प्रोत्साहन योजना–2025 लागू की है। यह योजना 28 नवंबर से प्रभावी है और 31 मार्च 2026 तक चलेगी। इसके तहत लंबित संपत्ति कर पर 100 प्रतिशत ब्याज और जुर्माना माफ किया जा रहा है।
करदाताओं को केवल मूल कर राशि एकमुश्त जमा करनी है। मूल राशि जमा करते ही पूरा बकाया समाप्त माना जाएगा। योजना को वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के रूप में लागू किया गया है।
5,511 लोगों ने कराया स्व-निर्धारण
नगर निगम के अनुसार अब तक 5,511 करदाताओं ने होल्डिंग नंबर का स्व-निर्धारण कराया है। पाटलिपुत्र अंचल 1,424 आवेदनों के साथ सबसे आगे है। अजीमाबाद में 1,263, नूतन राजधानी में 1,024 आवेदन हुए हैं। कंकड़बाग में 788 और पटना सिटी में 531 लोगों ने आवेदन दिया। बांकीपुर अंचल में सबसे कम 481 स्व-निर्धारण दर्ज हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार योजना को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है।
सभी प्रकार की संपत्तियां शामिल
योजना का लाभ आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक संपत्तियों को मिल रहा है। संस्थागत तथा केंद्र और राज्य सरकार की संपत्तियां भी दायरे में हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 और उससे पूर्व के बकाया पर छूट दी जा रही है। कोर्ट या ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों के करदाता भी लाभ ले सकते हैं। इसके लिए मामला वापस लेने का लिखित प्रमाण देना होगा। निर्धारित अवधि के बाद यह छूट उपलब्ध नहीं रहेगी।
स्व-निर्धारण का स्पष्ट प्रावधान
जिनका अब तक स्व-निर्धारण नहीं हुआ है, वे भी योजना में शामिल हो सकते हैं। आवासीय संपत्ति का निर्धारण विद्युत कनेक्शन तिथि या अधिसूचना तिथि से होगा। जो भी तिथि बाद में होगी, वही प्रभावी मानी जाएगी। गैर-आवासीय संपत्ति के लिए जीएसटी निबंधन तिथि आधार होगी। या फिर नगर निकाय की अधिसूचना तिथि लागू मानी जाएगी। निर्धारण नगर निगम के तय मानकों के अनुसार किया जाएगा।
गलत जानकारी पर होगी कार्रवाई
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने करदाताओं से समय पर भुगतान की अपील की है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत किए गए भुगतान की जांच होगी। तथ्य छिपाने या गलत सूचना देने पर छूट रद कर दी जाएगी। नियम के अनुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। भुगतान की सुविधा वाट्सएप चैटबॉट 9264447449 पर उपलब्ध है। इसके अलावा निगम कार्यालयों और अधिकृत वेबसाइट पर भी भुगतान किया जा सकता है।




