पंजाब में स्वास्थ्य ढांचा होगा मजबूत, सात नए मेडिकल कॉलेजों से युवाओं को विदेश नहीं जाना पड़ेगा

होशियारपुर
पंजाब सरकार राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य में सात नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिससे मेडिकल सीटों में बड़ा इजाफा होगा और विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए यूक्रेन, ईरान और चीन नहीं जाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 20 मार्च से होशियारपुर में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत की जा रही है। यहां 100 एमबीबीएस सीटों के साथ 300 बेड का अस्पताल भी बनाया जा रहा है। इस परियोजना का काम 19 मार्च 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय इस प्रोजेक्ट का बजट 550 करोड़ रुपये तय किया गया था, लेकिन कई बार टेंडर फेल हो गए। अब इंजीनियरिंग रिपोर्ट के आधार पर लागत घटाकर करीब 274 करोड़ रुपये कर दी गई है।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि कपूरथला अस्पताल का टेंडर जारी हो चुका है, जबकि संगरूर और शहीद भगत सिंह नगर में मेडिकल कॉलेज के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा मलेरकोटला में मुस्लिम माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज और लहरागागा में भी मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले पंजाब में मेडिकल सीटें करीब 1900 थीं, लेकिन सरकार ने इसमें 300 नई सीटें जोड़ दी हैं और आने वाले समय में 600 सीटें और बढ़ाई जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट में पोस्ट ग्रेजुएट स्पेशलिटी अस्पताल बनाए जाएंगे, जहां मरीजों को पीजीआई) जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही मोहाली में मेडिकल छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं और नए कॉलेज भी विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टर समिट में कॉर्पोरेट अस्पतालों के साथ भी साझेदारी की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। लुधियाना में एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी बन रहा है।




