
पटना
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एक अप्रैल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक का उपयोग करेगा। इस संबध में बुधवार को विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने इंडिया एआई मिशन की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने, लोक सेवाओं का आटोमेशन बढ़ाने तथा कमियों और संभावित धोखाधड़ी की पहचान करने जैसे कार्यों को तकनीक के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है।
इसी को देखते हुए राजस्व प्रशासन में भी एआई के विधिवत और व्यवस्थित उपयोग की दिशा में पहल की गई है। विभाग के तीन वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड एआई कांन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए भेजा गया था। पत्र के अनुसार, प्रत्येक जिले में अपर समाहर्ता (राजस्व) की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एआई सेल का गठन किया जाएगा। इसमें जिला के आईटी मैनेजर, एक भूमि सुधार उप समाहर्ता, एक अंचल अधिकारी और एक राजस्व अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
यह कोषांग जिला स्तर पर एआई के उपयोग से जुड़े निर्णय लेने वाली सर्वोच्च समिति के रूप में कार्य करेगा। यह जिलाधिकारी के नियंत्रण में काम करेगा। पत्येक शनिवार को अपर समाहर्ता (राजस्व) के कार्यालय कक्ष में एआई सेल की बैठक होगी।




