एयर चीफ का बड़ा संदेश: पाकिस्तान सीमा के पास MiG-29 में भरी उड़ान, परखी वायुसेना की ताकत

जालंधर.
चीफ आफ द एयर स्टाफ (सीएएस) अमरप्रीत सिंह वीरवार को आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। इस मौके पर फारवर्ड एयरबेस से मिकोयान मिग-29 यूपीजी पर आपरेशनल फार्मेशन सार्टी उड़ाई। आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन भारतीय वायुसेना के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण बेसों में से एक है। पाकिस्तान सीमा के नजदीक होने की वजह से किसी भी एमरजेंसी हालात में इसे फर्स्ट रिस्पांडर में देखा जाता है।
आपरेशन सिंदूर के दौरान यहीं से पाकिस्तान को धूल चटाई और उनकी ड्रोन गतिविधियों की ध्वस्त किया। आपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद यहां आए थे। वायु सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मिग 29 की उड़ान से इंडियन एयर फोर्स की फ्रंटलाइन आपरेशनल यूनिट्स के साथ लीडरशिप के जुड़ाव की पुष्टि हुई। फॉर्मेशन को फ्लाइट लेफ्टिनेंट परविंदर सिंह ने लीड किया। रिकवरी से पहले, फार्मेशन ने रनवे पर एक स्मार्ट पील-आफ मेनूवर किया, जिसमें सटीक उड़ान और स्क्वाड्रन द्वारा बनाए गए आपरेशनल ट्रेनिंग के हाई स्टैंडर्ड्स को दिखाया गया।
बेस के एयर वॉरियर्स ने आपरेशनल तैयारी का हाई लेवल बनाए रखा और विजिट के दौरान उड़ान से जुड़ी एक्टिविटीज में एक्टिवली हिस्सा लिया। कमांडिंग आफिसर ने चीफ आफ द एयर स्टाफ को स्क्वाड्रन की आपरेशनल भूमिका मिग-29 यूपीजी प्लेटफार्म की बढ़ी हुई क्षमताओं और यूनिट की समृद्ध विरासत के बारे में जानकारी दी। स्क्वाड्रन 1963 में अपने इंडक्शन के 63 वर्ष पूरे करने वाला है, जो देश के आसमान की सुरक्षा में सेवा के एक लंबे और शानदार इतिहास को दिखाता है।
चीफ आफ द एयर स्टाफ ने एयरक्रू, टेक्नीशियन और ग्राउंड स्टाफ से भी बातचीत की और काम्बैट प्लेटफार्म की लगातार आपरेशनल तैयारी पक्का करने में टेक्निकल और स्पोर्ट स्टाफ की अहम भूमिका को माना। इसके अलावा, उन्होंने आस-पास के इलाकों के वेटरन से भी मुलाकात की और एयर फोर्स कम्युनिटी के साथ उनके लगातार जुड़ाव और इसकी परंपराओं में उनके हमेशा रहने वाले योगदान के लिए उनकी तारीफ की।




