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हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र संपन्न, 54 घंटे से अधिक चली अहम चर्चा

चंडीगढ़
 15वीं हरियाणा विधान सभा का दूसरा बजट सत्र सार्थक चर्चा के साथ संपन्न हो गया। 20 फरवरी को शुरू हुए इस सत्र में 18 मार्च तक कुल 13 बैठकें हुईं, जिनमें लगभग 54 घंटे 24 मिनट सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान अनेक विषयों पर सदन का माहौल गर्म भी हुआ, जिसे विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने अपनी कुशलता से संभाला और कार्य उत्पादकता की मिसाल पेश की। सत्र संपन्न होने के अगले दिन वीरवार को मीडिया में जारी एक बयान में विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि बजट सत्र 20 फरवरी को राज्यपाल प्रो. असीम घोष द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिभाषण से शुरू हुआ था। इस अभिभाषण पर सदन में 23, 24, 25, 26 और 27 फरवरी को कुल 7 घंटे 58 मिनट व्यापक चर्चा करवाई गई। 

इस चर्चा में मुख्यमंत्री समेत भाजपा के 19 सदस्य 217 मिनट, कांग्रेस के 14 सदस्य 229 मिनट, इनेलो के 2 सदस्य 24 मिनट तथा 2 निर्दलीय विधायकों ने 8 मिनट अपनी बात रखी। 2 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट प्रस्तुत किया। सदन में 5, 6, 9 और 17 मार्च को 10 घंटे 3 मिनट इस पर चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री सहित भाजपा के 15, कांग्रेस के 7 तथा 3 निर्दलीय विधायकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के जवाब सहित भाजपा को 407 मिनट, कांग्रेस को 167 मिनट तथा निर्दलीय विधायकों को 29 मिनट का समय मिला।

सत्र के दौरान 6 दिन शून्यकाल रहे। इस दौरान 5 घंटे 3 मिनट चली कार्यवाही में भाजपा के 23 विधायक 129 मिनट बोले, कांग्रेस के 24 विधायक 139 मिनट बोले, इनेलो के 2 विधायक 23 मिनट तथा निर्दलीय 3 विधायकों को 12 मिनट का समय मिला। इनेलो के एक विधायक को दो बार बोलने का मौका मिला। इस प्रकार कुल 52 विधायकों ने शून्यकाल में हिस्सा लिया।

बजट सत्र के दौरान 11 दिन प्रश्नकाल हुए। इसके लिए 220 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे, इनमें से 168 के जवाब हाउस में दिए गए। विधान सभा सचिवालय को 57 सदस्यों से 390 तारांकित प्रश्नों के लिए नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 258 एडमिट हुए। इनमें भाजपा के 23, कांग्रेस के 29, इनेलो के 2 तथा 3 निर्दलीय विधायकों ने प्रश्नों के लिए नोटिस भेजे। इस दौरान एक रिकॉर्ड यह बना कि लगातार 3 दिन और कुल 4 दिन निर्धारित सभी सवालों के जवाब सदन में दिए गए।

इसी प्रकार 28 विधायकों की ओर से 183 अतारांकित प्रश्नों के नोटिस प्राप्त हुए। अतारांकित प्रश्न लगाने वालों में भाजपा के 10, कांग्रेस के 15 इनेलो के 2 तथा एक निर्दलीय विधायक शामिल रहा। इनमें से 145 अतारांकित प्रश्न स्वीकृत हुए। सभी 145 प्रश्नों के जवाब विधायकों को भेजे गए।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के लिए 32 नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 5 स्वीकृत हुए। इसी प्रकार कार्य स्थगन प्रस्ताव के लिए 4 नोटिस प्राप्त हुए, जिनमें से एक स्वीकृत किया गया। सत्र के लिए 8 विधेयकों के प्रारूप मिले थे। ये सभी चर्चा उपरांत पारित कर दिए गए।

सत्र के दौरान 2 सरकारी संकल्प भी पारित किए गए। इनमें आवासन बोर्ड को भंग कर इसका एचएसवीपी में विलय करने तथा सफाई कर्मचारी नियोजन एवं शुष्क शौचालय निर्माण अधिनियम, 1993 के निरसन शामिल हैं। इसके अलावा नियम 84 के अधीन ‘विकसित भारत जी-राम’ योजना के प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।
नियम 66 व 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा भी चर्चा हुई। यह स्थगन प्रस्ताव हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग की हाल ही में आयोजित भर्ती के बारे में था। नियम 171 के तहत एक गैर सरकारी प्रस्ताव पर भी पारित किया गया। इसके तहत सदन ने राज्य सरकार से केन्द्र सरकार को यह सूचित करने के लिए सिफारिश की कि जी.एस.टी. के अतंर्गत टैक्स स्लैब में संशोधन सराहनीय तथा प्रशंसनीय है।

इस बीच अध्यक्ष ने कुछ मुख्य रूलिंग्स भी दी, जिनमें राज्य सभा चुनाव संबंधी भी प्रमुख रही। सत्र के दौरान बजट का अध्ययन करने के लिए गठित 8 स्थायी समितियों समेत अनेक कमेटियों की वार्षिक रिपोर्ट्स भी पेश हुईं। इनमें एक प्रिविलेज कमेटी की फाइनल रिपोर्ट भी शामिल है।

सत्र के बीच होली पर्व आया। इस अवसर विधान परिसर में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। सत्र के अंतिम दिन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा प्राकृतिक खेती पर विशेष व्याख्यान दिया गया। उनके मार्गदर्शन से सदन को विशेष जानकारी मिली। इस सत्र के दौरान अलग-अलग दीर्घाओं में 2139 दर्शकों ने सदन की कार्यवाही देखी। 

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