देश

IAS मुकेश आहूजा को 3 महीने का एक्सटेंशन, पारदर्शी परीक्षाओं का मिला इनाम

चंडीगढ़.

हरियाणा सरकार ने आई.ए.एस. अधिकारी मुकेश आहूजा को 31 मार्च को सेवानिवृत्ति के दिन 3 महीने का सेवा विस्तार दिया है। अब वह 30 जून तक सरकार में सेवाएं देंगे। आहूजा के पास हरियाणा मार्कीटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक और हरियाणा लोक सेवा आयोग में सचिव पद का कार्यभार है जो यथावत रहेगा।

आहूजा की गिनती ईमानदार अधिकारियों में होती है और उनके समय में हरियाणा लोक सेवा आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में पारदर्शिता दिखाई दी। चर्चा है कि 3 महीने बाद भी सरकार उन्हें किसी अहम पद पर जिम्मेदारी दे सकती है।

आईपीएस गंगाराम पूनिया हुए रिलीव
आईपीएस अधिकारी गंगाराम पूनिया को हरियाणा सरकार ने रिलीव कर दिया है। अब वह इसी सप्ताह सी.बी. आई. में अपनी ज्वाइनिंग देंगे। गंगाराम पुनिया पिछले कई महीनों से ए.सी.बी. में एस.पी. पद पर तैनात थे।

वरिष्ठ आईएएस आशिमा बरार को मिली नई जिम्मेदारी
हरियाणा सरकार ने बिजली (ऊर्जा) विभाग में लंबे इंतजार के बाद स्थायी प्रशासनिक नेतृत्व बहाल करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आशिमा बरार को कमिश्नर एवं सचिव के पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब विभाग पिछले करीब 37 दिनों से नियमित मुखिया के बिना कार्य कर रहा था। फरवरी माह में राज्य सरकार ने 1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्यामल मिश्रा को ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव पद से रिलीव कर उनकी सेवाएं केंद्र सरकार को सौंप दी थीं। केंद्र में उन्हें दूरसंचार विभाग के अंतर्गत डिजिटल भारत निधि में एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर नियुक्ति मिली है। मिश्रा के जाने के बाद ऊर्जा विभाग का कामकाज लिंक ऑफिसर के भरोसे चल रहा था। लिंक ऑफिसर के पास पहले से ही अन्य विभागों का जिम्मा होने के कारण ऊर्जा विभाग के दैनिक कार्यों पर पूरा फोकस नहीं रह पाना स्वाभाविक था। ऐसे में फाइलों का लंबित होना और निर्णय प्रक्रिया में देरी होना भी चर्चा का विषय बना रहा।

अब तेजी से निर्णय लेने की आवश्यकता
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस दौरान कई अहम फाइलें लंबित रहीं, जिन पर अब तेजी से निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। नई नियुक्त कमिश्नर एवं सचिव आशिमा बरार को एक सक्षम और अनुभवी अधिकारी माना जाता है। मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न अहम विभागों में उन्होंने काम किया है, जिससे उन्हें प्रशासनिक समन्वय और निर्णय क्षमता का व्यापक अनुभव है। बिजली विभाग जैसे संवेदनशील और जनहित से जुड़े क्षेत्र में यह अनुभव काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button