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बिहार में सत्ता परिवर्तन की बड़ी हलचल, 10 अप्रैल को हो सकता है नए मुख्यमंत्री का ऐलान

पटना
बिहार के नए मुख्यमंत्री का ऐलान आगामी 10 अप्रैल को हो सकता है, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने इस बारे में सकेत दिए हैं। मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा सांसद का कार्यकाल भी 10 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है।

10 अप्रैल को होगा बिहार के नए मुख्यमंत्री का ऐलान? भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिए संकेत
 नीतीश कुमार के बाद बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर अटकलों का दौर चल रहा है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी ने बता दिया कि नए सीएम पर स्थिति कब साफ होगी। उन्होंने कहा कि नीतीश के बाद बिहार का सीएम कौन होगा, इस पर अभी कुछ नहीं बता सकते हैं, 10 तारीख को पता चल जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि नए सीएम का ऐलान 10 अप्रैल को होगा।

नीतीश कुमार ने बीते 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव जीता था। राज्यसभा सांसद बनने के लिए उन्हें नियमानुसार 14 दिनों के भीतर एमएलसी पद से इस्तीफा देना था। सीएम ने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अब आगामी दिनों में उनका राज्यसभा का कार्यकाल शुरू हो जाएगा। चर्चा है कि राज्यसभा सांसद की शपथ लेते ही वे मुख्यमंत्री पद भी छोड़ देंगे। इसके बाद बिहार में नया सीएम बनेगा।

बिहार दौरे पर पहुंचे दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी कहा है कि 10 तारीख तक स्थिति साफ हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत यह सब होना है, इसलिए अभी इस पर वे कुछ नहीं बोल सकते हैं। पूर्व में भाजपा एवं जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) के नेताओं ने कहा था कि एनडीए के शीर्ष नेता मिलकर बिहार के नए सीएम का चुनाव करेंगे।

भाजपा से हो सकता है नया मुख्यमंत्री
बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। पिछले महीने नीतीश के राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद से ही सियासी गलियारों में इस पर चर्चा जोरों से हो रही है। भाजपा में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम रेस में सबसे टॉप पर माना जा रहा है। उनके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का भी नाम चल रहा है। इसके अलावा, दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय समेत कई अन्य नेताओं का नाम भी रेस में है।

वहीं, भाजपा किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर चौंका भी सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली जैसे राज्य इसके उदाहरण हैं। हालांकि, रिपोर्ट्स में एनडीए सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भाजपा बिहार में ऐसा प्रयोग नहीं करेगी। क्योंकि भाजपा बिहार में जेडीयू समेत अन्य सहयोगी दलों के बलबूते सरकार चला रही है। यहां की जनसांख्यिकी और जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए नए सीएम के नाम पर मुहर लगाई जाएगी। जेडीयू के वरीय नेताओं का यह भी कहना है कि बिहार का अगला सीएम, नीतीश कुमार की मर्जी से ही बनेगा।

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