पंजाबी मूल की ‘केटामाइन क्वीन’ जसवीन संघा को अमेरिका में 15 साल की सजा

चंडीगढ़
हॉलीवुड के बड़े स्टारों को ड्रग सप्लाई करने के आरोप में मोगा की रहने वाली पंजाबी मूल की महिला जसवीन संघा को 15 साल जेल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने जसवीन को केटामाइन ड्रग सप्लाई करने के आरोप में दोषी माना है। इसी केटामाइन ड्रग के ओवरडोज की वजह से 2023 में अमेरिकी-कनाडाई एक्टर मैथ्यू पेरी की मौत की मौत हो गई थी। अमेरिकी वकीलों ने जसवीन संघा को केटामाइन क्वीन का नाम दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज शेरिलिन पीस गार्नेट ने लॉस एंजिल्स की एक अदालत में जसवीन को अधीकतम सजा सुनाई। साथ ही, तीन साल की निगरानी में रिहाई का आदेश भी दिया। 42 वर्षीय संघा ने सितंबर 2025 में पांच फेडरल आरोपों को स्वीकार कर लिया था, जिनमें केटामाइन बांटना भी शामिल था।
संघा ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने अक्तूबर 2023 में पेरी की ओवरडोज से हुई मौत से कुछ हफ्ते पहले, उनके पैसिफिक पैलिसेड्स स्थित घर पर उन्हें केटामाइन की दर्जनों शीशियां सप्लाई की थीं। वकीलों ने उन्हें एक बड़ी डीलर बताया, जो मनोरंजन जगत के अमीर ग्राहकों को निशाना बनाती थी।
लंदन में भारतीय माता-पिता नीलम सिंह और बलजीत सिंह छोक्कर के घर जन्मी संघा एक संपन्न पंजाबी परिवार से आती हैं। उनके दादा-दादी ने पूर्वी लंदन में एक सफल फैशन रिटेल का कारोबार खड़ा किया था। अपनी मां की दूसरी शादी के बाद, यह परिवार कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके कैलाबसास में जाकर बस गया, जहां संघा बड़ी हुई। उसके पास अमेरिकी और यूके दोनों देशों की दोहरी नागरिकता है।
सजा सुनाए जाने के दौरान, संघा ने अपने किए पर पछतावा जताया और अदालत से कहा कि उसके द्वारा उठाए गए कदम बहुत ही भयानक फैसले थे, जिन्होंने लोगों की जिंदगी तबाह कर दी। उनके वकील ने जसवीन को दी सजा को बहुत ज्यादा कठोर बताया।




