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कृषि, उद्यानिकी और सहकारिता के संयुक्त प्रयासों से किसानों को दें बेहतर सुविधाएं

भोपाल 

कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल ने खरीफ की आगामी फसलों के संबंध में किसानों की आय बढ़ाने के लिए बाजार की मांग आधारित फसलों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं को प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। इन सामूहिक प्रयासों से किसानों को बेहतर गुणवत्ता के साथ अच्छी फसल मार्केट में उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और किसानों की आय भी बढ़गी। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए।

 बर्णवाल शनिवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय उज्जैन के सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी पी आहूजा, सचिव किसान कल्याण  निशांत बरबडे, आयुक्त उज्जैन  आशीष सिंह, सचिव उद्यानिकी  जान किन्सली ए आर, आयुक्त सह संचालक उद्यानिकी  अरविंद कुमार दुबे, प्रबन्ध संचालक सहकारिता  अभिजित अग्रवाल, पंजीयक सहकारिता  मनोज पुष्प, प्रबन्ध संचालक मंडी बोर्ड  कुमार पुरुषोत्तम और संभाग के जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के सीईओ के साथ ही सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के कारोबार को दोगुना करने के लक्ष्य पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि की उन्नत तकनीक, खेती के साथ नवाचार, उद्यम के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही बीज की उन्नत खेती के लिए भी प्रेरित करें। पूसा अरहर फसल की जानकारी देकर किसानों को बताएं कि पूसा अरहर का उत्पादन भी बहुत अधिक है। उन्हें उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करें।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि उद्यानकी विभाग और खाद्य प्रसंस्करण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुँचाएं। उद्यानिकी फसलों से किसानों को नगद राशि प्राप्त होती है और उनकी आय भी बेहतर हो जाती है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि उद्यानिकी की एक दो फसलों को फोकस कर जिले में बेहतर तरीके से उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करे। साथ ही उन्हीं फसलों से संबंधित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और उनकी मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जाए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उज्जैन कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने आगामी सिंहस्थ महापर्व को दृष्टिगत रखते हुए फूलों की खेती के लिए रकबा बढ़ाने और करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती कराने के लक्ष्य से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के पहले फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए रकबा बढ़ाने के साथ ही किसानों को प्रोत्साहित कर लाभ दिलाया जाएगा। संभाग के अन्य जिलों के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों के नवाचार को लेकर जानकारी ली गई। जिलों के कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ ने उद्यानिकी फसलों को लेकर किए जा रहे नवाचार के साथ ही आलू, सतंरा, अश्वगंधा, शतावरी, धनिया, प्याज, ड्रेगन फ्रूट, खीरा, तरबूज, चिया सीड्स जैसे खाद्य फसलों रकबा बढ़ाने के साथ विक्रय के लिए मार्केट उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी दी।

कृषि उत्पादन आयुक्त  बर्णवाल ने निर्देश दिए कि कोल्ड स्टोरेज, राइजनिंग चैंबर की क्षमताओं को बढ़ाएं। सभी जिलों में कम से कम एक राइजनिंग चैंबर आवश्यक रूप से हो जिससे फसलों को पकाने के लिए सही तरीके का उपयोग हो सके। फूड प्रोसेसिंग यूनिट को भी बढ़ाने के प्रयास करें। साथ ही किसानों को उद्यानकी योजनाओं की जानकारी देने के लिए जिलों मे शिविर भी लगाएं।

सहकारिता की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि सहकारिता से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में ऋण उपलब्ध कराने और समय पर खाद-बीज देने से उनकी आय बेहतर होगी। किसानो को खेती, उपकरण, के लिए पूंजी उपलब्ध कराना सहकारिता का प्रमुख काम है। प्रमुख सचिव  डी पी आहूजा ने सहकारिता से सम्बन्धित गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा कि जिलों में सहकारी समितियों से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। पैक्स के माध्यम से किसानों को जोड़कर उनको बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा जा रही है।

प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध

समीक्षा बैठक मे कृषि कल्याण विभाग के सचिव  निशांत बरबडे ने बताया कि प्रदेश में यूरिया और एनपीके का पर्याप्त मात्रा में भंडारण है। किसी भी जिले में कोई कमी नही है। किसानों की मांग के अनुसार उन्हे खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीयन के साथ ही किसानों को खाद उपलब्ध होगी और लगातार किसान इससे खाद ले सकेंगे ।

 बर्णवाल ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि खाद्य वितरण केंद्रो पर व्यापक इंतजाम हो। किसानों के बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, छांव की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। इसके लिए कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए है कि व्हाट्सएप के माध्यम से किसानों को फसल अनुसार खाद की उपयोगिता की सूचना दें और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग कर किसानों को खाद उपलब्धता की सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराए। साथ ही सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए है कि खाद भंडारण में किसी प्रकार की समस्या नहीं हो। इसके लिए अभी से व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें। जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता रखने के निर्देश दिए। सहकारिता के माध्यम से ऋणी और अऋणी किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए।  बर्णवाल ने कहा कि फसल बीमा से संबंधित किसानों की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए। कोई भी जिले में शिकायतें पैंडिग नही रहे। साथ ही अवैधानिक रूप से खाद्य विक्रय कर रहे पेस्टिसाइड्स का निर्माण और बिक्री और गलत बीजों के विक्रय पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए हैं ।

 बरबड़े ने भी किसानों से संबंधित चल रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार से खाद-बीज की कमी नही होने दी जाएगी। खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

उद्यानिकी विभाग के आयुक्त सह संचालक  अरविंद कुमार दुबे ने बताया कि उद्यानिकी फसलों का अलग से पंजीयन किया जाए और गिरदावरी के समय भी इन फसलों का अलग से उल्लेख हो जिससे की वास्तविक आंकड़े उपलब्ध रहे। साथ ही किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोडऩे के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार करने के संबंध में भी कलेक्टर को निर्देशित किया गया।

फसलों को पकाने के लिए राइजिंग चैंबर हर जिले मे बनाया जाये जिससे जनता को केमिकल रहित फल उपलब्ध हो। जिले मे कोल्ड स्टोरेज और अन्य योजनाओं के लाभ दिलाने के लिए भी व्यापक दिशा निर्देश बैठक में दिए गए। इसके साथ ही उद्यानिकी फसलों को राजस्व रिकॉर्ड में जोडऩे के लिए भी कलेक्टरों को निर्देश देते हुए कहा कि गिरदावरी करते समय उद्यान की फसलों का रकबा अलग से जोड़ा जाए।

 

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