
पटना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की 286 करोड़ रुपये से अधिक की 157 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
इस दौरान उन्होंने पटना के भविष्य को लेकर बड़ा विजन पेश करते हुए कहा कि राजधानी के विस्तार के लिए 66 हजार एकड़ क्षेत्र में पाटलिपुत्र नाम से नया शहर बसाया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित होगा।
मुख्यमंत्री ने 238.75 करोड़ रुपये की 114 योजनाओं का उद्घाटन तथा 47.48 करोड़ रुपये की 43 योजनाओं का शिलान्यास किया।
पटना नगर निगम क्षेत्र में 3.03 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और 17.17 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
मीठापुर में बना कॉमन सर्विस सेंटर
इस अवसर पर पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रिवर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट, गार्डन और पाथवे का उद्घाटन किया गया।
वहीं मीठापुर में 10.68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जी प्लस थ्री कॉमन सर्विस सेंटर का भी लोकार्पण किया गया। इस भवन में बैंक, पार्लर, ओपन एयर कैफे समेत विभिन्न नागरिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरों को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि कचरा प्रबंधन की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और अगले छह महीने में कचरा निस्तारण की व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। मार्च तक शहर में कचरे के सभी बड़े ढेर समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
सीवरेज से जुड़े घरों का कनेक्शन
उन्होंने नागरिकों से सीवरेज नेटवर्क से अपने घरों को जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर गंदा पानी सीधे गंगा में जाता रहेगा।
नगर निगम को निर्देश दिया गया कि लोगों को सीवरेज से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने बरसात को देखते हुए अगले पांच दिनों में बड़े नालों के निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकने और मानसून के बाद दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया।
साथ ही सीवरेज कार्य के कारण टूटी सड़कों को 24 से 48 घंटे के भीतर बहाल करने को कहा। उन्होंने शहर में संगठित बाजार व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम और बुडको को वार्ड स्तर पर सब्जी, मांस-मछली और डेयरी उत्पादों के लिए आधुनिक बाजार एवं सेंटर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
पटना के दीर्घकालिक विकास का खाका पेश करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि राजधानी के विस्तार के लिए 46 हजार एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
पटना बनेगा सुंदर और स्मार्ट
भूमि अधिग्रहण के मुआवजा दरों में 10 वर्षों बाद संशोधन किया गया है, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।उन्होंने कहा कि केवल पटना क्षेत्र में ही लगभग छह लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं हैं।
सरकार यहां इंडस्ट्री, एजुकेशन और मेडिकल हब विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। लक्ष्य ऐसा आधुनिक शहर बनाना है जो स्मार्ट होने के साथ-साथ पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक विरासत को भी पुनर्स्थापित करे।
मुख्यमंत्री ने कोचिंग संस्थानों के लिए भी समर्पित केंद्र विकसित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, महापौर सीता साहू, उपमहापौर रेशमी कुमारी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विभागीय प्रधान सचिव विनय कुमार और बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।




