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कोटा में जुलाई से दौड़ेंगी 100 ई-बसें, 20 रूट पर शहर-गांव को मिलेगी कनेक्टिविटी

कोटा
शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी है। आने वाले कुछ दिनों में कोटा की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी। प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत शहर को कुल 100 ई-बसें मिलने जा रही हैं, जिनकी पहली खेप जुलाई के पहले सप्ताह तक कोटा पहुंचने की संभावना है। इन बसों के शुरू होने से न सिर्फ शहर के लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि नगर निगम सीमा में शामिल हुए दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के हजारों लोगों को भी पहली बार नियमित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी।

शहर के साथ गांव भी होंगे सीधे जुड़े
अब तक शहर से दूर बसे कई गांवों के लोगों को निजी वाहनों या महंगे साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। नई ई-बस सेवा इस तस्वीर को बदलने जा रही है। नगर निगम और कोटा बस सर्विसेज लिमिटेड ने ऐसे 20 रूट तय किए हैं, जिनके जरिए शहर के साथ-साथ निगम सीमा में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों को भी जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और मरीजों को रोजाना आने-जाने में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

20 रूट पर चलेगी नई इलेक्ट्रिक बस सेवा
योजना के तहत रेलवे स्टेशन से बंधा धर्मपुरा, मुकुन्दरा विहार और कोलीपुरा गांव तक बसें संचालित होंगी। न्यू बस स्टैंड से बोराबास, एरोड्राम, डीसीएम, भामाशाह मंडी और कॉमर्स कॉलेज तक कनेक्टिविटी मिलेगी। एरोड्राम से रानपुर, सोगरिया, धनेश्वर और दरा जंक्शन, रायपुरा से भदाना और सोगरिया स्टेशन, झालीपुरा से अरण्डखेड़ा, बड़गांव से सीमलिया, चंद्रेसल से आरके पुरम, सोगरिया स्टेशन से अनंतपुरा, बड़ तिराहे से शंभुपुरा एयरपोर्ट, नयापुरा से तालेड़ा और रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर-4 से जीएडी सर्किल तक के रूट भी इस योजना में शामिल किए गए हैं।

100 बसों में 95 होंगी 9 मीटर लंबी
कोटा को मिलने वाली 100 ई-बसों में अधिकांश 9 मीटर लंबी होंगी, जबकि पांच बसें 12 मीटर श्रेणी की रहेंगी। इन बसों को यात्रियों की संख्या और विभिन्न मार्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सभी बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देंगी।

सुभाष नगर में तैयार हुआ चार्जिंग स्टेशन
बसों के संचालन से पहले जरूरी तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सुभाष नगर में बस स्टॉप और चार्जिंग स्टेशन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार बसों की देखरेख, मरम्मत और ड्राइवर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बस सप्लाई करने वाली कंपनी के पास रहेगी। इससे संचालन व्यवस्था को बेहतर और नियमित बनाए रखने में मदद मिलेगी।

250 लोगों को मिलेगा रोजगार
ई-बस परियोजना केवल परिवहन व्यवस्था ही नहीं बदलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी लेकर आएगी। स्थानीय स्तर पर कंडक्टर, लिपिकीय स्टाफ और अन्य कर्मचारियों सहित करीब 250 लोगों की नियुक्ति संविदा फर्म के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए टेंडर जुलाई के पहले सप्ताह में खोले जाने की तैयारी है।

इतना होगा बस का किराया
नगर निगम ने यात्रियों को राहत देने के लिए किराया भी किफायती रखा है। पहले तीन किलोमीटर तक का किराया 10 रुपये होगा। तीन से छह किलोमीटर तक 15 रुपये, छह से दस किलोमीटर तक 20 रुपये और अधिकतम किराया 60 रुपये निर्धारित किया गया है। इससे आम लोगों को कम खर्च में सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा।

बदलेगी शहर की परिवहन व्यवस्था
ई-बसों के संचालन के साथ कोटा में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एक नए दौर में प्रवेश करेगी। प्रदूषण कम करने, ट्रैफिक का दबाव घटाने और शहर के साथ ग्रामीण इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि सब कुछ तय समय के अनुसार हुआ तो जुलाई के पहले सप्ताह से कोटा के लोग आधुनिक, स्वच्छ और सुविधाजनक ई-बस सेवा का लाभ उठाना शुरू कर देंगे।

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