CM मान का दावा- निजी स्कूल छोड़ सरकारी स्कूलों में आ रहे विद्यार्थी, पंजाब शिक्षा में बना नंबर-1

लुधियाना.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना के किदवई नगर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 में सरकार बनने के समय शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की रैंकिंग 27वें स्थान पर थी, जबकि अब राज्य पहले स्थान पर पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि हर बच्चे को बड़े सपने देखने का अधिकार है और सरकार उन्हें पूरा करने के लिए बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रही है।
स्कूल ऑफ एमिनेंस ने बदली सोच
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि स्कूल ऑफ एमिनेंस में पढ़ने वाले करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थी निजी स्कूल छोड़कर आए हैं, क्योंकि उनके परिवार निजी स्कूलों की फीस वहन करने में सक्षम नहीं थे। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से सरकार शिक्षा सुधार के लिए लगातार काम कर रही है और उसका परिणाम अब दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां केवल 82 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 882 तक पहुंच गई है। इसके लिए शिक्षा मंत्री के प्रयासों की भी सराहना की।
PT मीटिंग में पहुंच रहे अभिभावक
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अभिभावक-शिक्षक बैठक का चलन केवल निजी स्कूलों तक सीमित था, लेकिन अब सरकारी स्कूलों की बैठकों में 24 लाख लोग भाग ले रहे हैं। इससे स्कूलों और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल बना है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में फर्नीचर सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूलों में हुए बदलाव को देखकर अब उनका भी मन करता है कि दोबारा स्कूल में पढ़ाई करने का अवसर मिले।
भूजल 5 मीटर तक चढ़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 में नहरी पानी केवल 22 प्रतिशत खेतों तक पहुंचता था, जबकि अब यह 88 प्रतिशत तक पहुंच रहा है। इससे प्रदेश में भूजल स्तर पांच मीटर तक बढ़ा है। कार्यक्रम के दौरान एक बुजुर्ग ने स्कूल के दोनों ओर शराब के ठेके होने का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमों के अनुसार किसी भी स्कूल के आसपास शराब का ठेका नहीं हो सकता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।




