मुरैना में छात्रा से रेप और अवैध गर्भपात के मामले में डॉ. मनु शर्मा और पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

मुरैना
मध्य प्रदेश के मुरैना में नर्सिंग छात्रा से रेप और अवैध गर्भपात के मामले में भाजपा जिला उपाध्यक्ष डॉ. मनु शर्मा और उनके पति बीएमओ डॉ. राजेश शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। दोनों आरोपियों की ओर से विशेष न्यायाधीश विवेक अग्रवाल की कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया गया था, लेकिन कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया।
जानकारी के अुनसार, 23 को ग्वालियर के हजीरा थाने में उत्तर प्रदेश निवासी युवती ने उसके दोस्त पुष्पेंद्र और उसके जीजा के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, भाजपा नेत्री डॉ. मनु शर्मा और उनके पति बीएमओ डॉ. राजेश शर्मा पर गर्भपात कराने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में पुष्पेंद्र की बहन रीना और भाई अरविंद रावत पर भी केस दर्ज है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं।
गर्भवती हुई तो शादी से किया इनकार
पीड़िता उत्तर प्रदेश के रायबरेली की रहने वाली है और मुरैना के सबलगढ़ में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसकी दोस्ती पुष्पेंद्र रावत से हुई थी, जो बाद में प्रेम प्रसंग में बदल गई। 28 मार्च 2024 को पुष्पेंद्र उसे चार शहर का नाका स्थित अपने भतीजे के कमरे पर लेकर गया, जहां उसने कई बार शारीरिक शोषण किया और वीडियो भी बनाए। इसके बाद ब्लैकमेल कर वह लगातार उसका शोषण करता रहा। गर्भवती होने के बाद जब उसने शादी के लिए कहा तो आरोपी ने बात करना बंद कर दिया। इसके बाद उसने मदद के लिए पुष्पेंद्र के जीजा पान सिंह से संपर्क किया। पान सिंह ने उसे भरोसे में लेकर जौरा बुलाया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया।
छात्रा को दी फेल करने की धमकी
इसके बादा पीड़ित युवती की गर्भावस्था के बारे में पुष्पेंद्र की बहन रीना और भाई अरविंद रावत को पता चला तो वे उसे जबरन केडी हॉस्पिटल ले गए और उसका गर्भपात करा दिया था। पीड़िता के मुताबिक, भाजपा नेत्री डॉक्टर मनु शर्मा और उनके पति डॉ. राजेश शर्मा ने उसका गर्भपात किया। इस दौरान विरोध करने पर उसे धमकी भी दी गई थी। उससे कहा गया कि अगर, तुमने इस बारे में किसी को बताया तो नर्सिंग परीक्षा में फेल करवा देंगे।