
दंतेवाड़ा
जिले में सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत कुपोषण से मुक्ति के उद्देश्य से समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सखी केन्द्र दंतेवाड़ा के सभा कक्ष में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर उपस्थित रहीं। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारीगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में कुपोषण की दर में कमी लाना तथा एनीमिक गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाना है। इसके अंतर्गत गंभीर एवं मध्यम कुपोषित (एसएएम,एमएएम) बच्चों, संकटग्रस्त बच्चों तथा चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता वाली गर्भवती माताओं को विशेष समुदाय आधारित प्रयासों के माध्यम से लक्षित किया जाएगा।
अभियान के तहत सुपोषण दूत का चयन किया जाएगा, जो 70 प्रतिशत मध्यम कुपोषित एवं 30 प्रतिशत गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लेकर विभागीय योजनाओं एवं समुदाय के सहयोग से उनकी नियमित देखभाल करेंगे। बच्चों को सामान्य पोषण स्तर में लाने पर सुपोषण दूतों को प्रति बच्चा प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार महिला स्व-सहायता समूहों को भी कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनकी देखभाल हेतु जोड़ा जाएगा, जिन्हें निर्धारित मानदेय के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कुपोषण के प्रभावी प्रबंधन हेतु जिला स्तर पर प्रबंध समिति का गठन किया गया है। साथ ही कुपोषित बच्चों को स्थानीय निधि से पोषण आहार उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के संभागीय सलाहकार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा महिला स्व-सहायता समूहों के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे।




