MP में कोहरे और ठंड से रेल यात्री परेशान, ट्रेनें 7 घंटे तक लेट; जनवरी में शीतलहर और बारिश के आसार

भोपाल
मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा प्रदेश के कई जिलों में प्रभावित है। भोपाल, सीहोर, रायसेन, शाजापुर और धार में सुबह 9 बजे तक भी घना कोहरा छाया रहा। सीहोर में विजिबिलिटी मात्र 20 मीटर रह गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिन तक कोहरा जारी रहेगा और इसके बाद तेज सर्दी का दौर शुरू होगा।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दिसंबर में प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई और मौसम साफ रहा। जनवरी में भी शीतलहर और कोल्ड डे जैसी परिस्थितियाँ बनी रहेंगी।
आज सुबह से भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सीधी, धार, गुना, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, देवास, दमोह, मंडला, सागर, सतना, श्योपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, खजुराहो समेत कई जिलों में कोहरा छाया रहा। शीतलहर भी चल रही है।
कई शहरों में रात का पारा गिरा मध्य प्रदेश में कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट तो अधिकांश में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। ग्वालियर में पारा 7.7 डिग्री पर आ गया। भोपाल में यह 11 डिग्री रहा। इंदौर में 12.6 डिग्री, उज्जैन में 13.3 डिग्री और जबलपुर में 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री रहा। शिवपुरी में 6 डिग्री, दतिया में 6.6 डिग्री, राजगढ़ में 8.2 डिग्री, मंडला में 8.9 डिग्री और रतलाम में 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में तापमान 10 डिग्री से अधिक पहुंच गया।
दिन में भी रात जैसी ठंड, कोल्ड डे की स्थिति
इस सर्दी के सीजन में पहली बार प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान रात जैसा महसूस हुआ। शुक्रवार को दतिया में अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर, गुना और नौगांव में यह 17 डिग्री के आसपास रहा। टीकमगढ़, खजुराहो, श्योपुर, पचमढ़ी, रतलाम, रीवा, सतना, उज्जैन, दमोह और भोपाल समेत कई जिलों में दिनभर सर्द हवाओं के कारण कोल्ड डे जैसे हालात बने रहे।
अगले दो दिन का अलर्ट
4 जनवरी को ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है।5 जनवरी को भी ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में कोहरे का असर ज्यादा रहने की संभावना है।
कोहरे की मार, ट्रेनों की रफ्तार थमी
गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं, घने कोहरे की वजह से भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर रूट की कई ट्रेनें 1 से 2 घंटे तक देरी से चलीं। दिल्ली से आने वाली मालवा, शताब्दी, सचखंड एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों पर कोहरे का सीधा असर पड़ा। खजुराहो में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। भोपाल, ग्वालियर, दतिया, उज्जैन, इंदौर, रीवा, सागर, सतना, दमोह, रायसेन, राजगढ़, गुना, नर्मदापुरम, मंडला और सिवनी सहित कई जिलों में विजिबिलिटी बेहद कम रही।
रात के तापमान में बढ़ोतरी, फिर भी ठंड कायम
प्रदेश के ज्यादातर बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में रातें अपेक्षाकृत कम सर्द रहीं। हालांकि पचमढ़ी, शिवपुरी, टीकमगढ़, राजगढ़, रीवा और नौगांव ऐसे इलाके रहे, जहां पारा 10 डिग्री से नीचे बना रहा।
जनवरी में भी शीतलहर के लंबे दौर के आसार
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि इस बार दिसंबर में प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई, जिससे मौसम लगातार शुष्क बना रहा। भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में 15 से 16 दिन तक कोल्ड वेव चली। यही स्थिति जनवरी में भी बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जनवरी में 15 से 20 दिन तक शीतलहर चल सकती है और कड़ाके की ठंड का असली असर महीने के दूसरे सप्ताह से दिखाई देगा, जो अंत तक जारी रह सकता है।
क्यों बढ़ेगी ठंड?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर मध्यप्रदेश तक पहुंचेगा। इसके चलते सुबह घना कोहरा, दिन में सर्द हवाएं और आगे चलकर शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा। शुक्रवार को जेट स्ट्रीम की रफ्तार 213 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे दिन में भी ठंड का असर महसूस हुआ।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 दिन तक घना कोहरा छाया रहेगा। फिर तेज सर्दी का दौर आएगा। इससे पहले शुक्रवार को आधे प्रदेश में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा छाया रहा। वहीं, 15 शहरों में दिन का तापमान 24 डिग्री से नीचे रहा।
जनवरी में कोल्ड वेव, बारिश के आसार सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, इस बार दिसंबर में प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। मौसम साफ रहा। भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में 15 से 16 दिन तक कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चली। ऐसा ही मौसम जनवरी में भी बना रहेगा।
साल के पहले ही दिन ग्वालियर में हल्की बारिश हुई। भोपाल और इंदौर में भी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की माने तो जनवरी में 15 से 20 दिन तक शीतलहर चल सकती है। कड़ाके की ठंड का दौर दूसरे सप्ताह में शुरू होगा, जो आखिरी तक बना रहेगा।
प्रमुख जिलों का तापमान विवरण
शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
बेतूल | 26.2 | 12.5 |
भोपाल | 23.8 | 11.0 |
दतिया | 16.8 | 6.6 |
धार | 24.0 | 11.4 |
गुना | 17.0 | 10.2 |
ग्वालियर | 17.4 | 7.7 |
इंदौर | 24.2 | 12.6 |
पचमढ़ी | 20.2 | 5.6 |
रायसेन | 26.6 | 12.2 |
मंदला | 27.0 | 8.9 |
छिंदवाड़ा | 26.6 | 12.0 |
सागर | 24.5 | 10.9 |
रीवा | 21.8 | 10.0 |
श्योपुर | 19.4 | 11.0 |
टीकमगढ़ | 18.0 | 10.8 |
नोट: तापमान डेटा मौसम विभाग के अवलोकन पर आधारित है।
मुख्य शहरों का मौसम और विजिबिलिटी
सीहोर: सीजन का सबसे घना कोहरा, विजिबिलिटी सिर्फ 20 मीटर।
भोपाल और इंदौर: कोहरे के कारण ट्रेनें लेट, सुबह तक शीतलहर जारी।
पचमढ़ी: न्यूनतम तापमान 5.6°C, मौसम साफ लेकिन ठंड कड़ी।
धार और मांडू: न्यूनतम 8-11°C, घना कोहरा और ओस के कारण रोड फिसलन।
सड़कों और नेशनल हाईवे पर कोहरे के कारण वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। उमरिया, बड़वानी, रायसेन और छतरपुर सहित कई जिलों में सुबह कोहरे का प्रभाव देखा गया।
रेल और सड़क यातायात प्रभावित
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, दतिया और अन्य जिलों में ट्रेनें लेट रही। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी और अन्य इंटरसिटी ट्रेनें कोहरे के कारण 1-2 घंटे तक देरी से चलीं। नेशनल हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन धीमी गति से चल रहे हैं, विजिबिलिटी घटने से सड़क पर अलर्ट मोड।
अगले 2-3 दिन का मौसम अनुमान
दिनांक | जिलों में कोहरे का असर | अनुमानित न्यूनतम तापमान (°C) |
4 जनवरी | ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, उमरिया | 6-12 |
5 जनवरी | ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल | 5-11 |
मौसम विभाग ने चेताया है कि घना कोहरा और कोल्ड डे की स्थिति के कारण सड़क व रेलवे मार्गों पर सावधानी बरतें।
क्यों खास है जनवरी की ठंड
दिसंबर और जनवरी में उत्तर भारत से ठंडी हवाएं ज्यादा आती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से बर्फीली हवा और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से तापमान तेजी से गिरता है। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 285 kmph तक पहुंचने से ठंड और तेज होती है।




