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हरियाणा के संसद की पुस्तक में विकास यात्रा का विवरण, ‘मोदी युग में भारत का आर्थिक सशक्तिकरण’ बढ़ा

चंडीगढ़/नई दिल्ली/हमीरपुर.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में गांवों और शहरों के बीच की दूरी काफी हद तक समाप्त हुई है। वर्ष 2015 से 2021 के बीच ग्रामीण इंटरनेट उपयोग में 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024 तक देश के 95.15 प्रतिशत गांवों में इंटरनेट की पहुंच हो चुकी है और करीब 40 करोड़ ग्रामीण नागरिक इंटरनेट सुविधा का उपयोग कर रहे हैं।

देश में कुल 954.40 मिलियन इंटरनेट उपभोक्ताओं में से 398.35 मिलियन उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। भारतनेट परियोजना के तहत 2.13 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। पिछले तीन वर्षों में ग्रामीण इलाकों में डिजिटल लेनदेन में 200 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। यह जानकारी राज्यसभा सदस्य सिकंदर कुमार द्वारा लिखित पुस्तक “मोदी युग में भारत का आर्थिक सशक्तिकरण” में दी गई है, जिसका विमोचन दिसंबर माह में उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने किया था।

मोदी शासन में मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 में 248 किलोमीटर से बढ़कर वर्ष 2025 में 1,013 किलोमीटर से अधिक हो गया है। 11 राज्यों के 23 शहरों में मेट्रो परियोजनाएं शुरू की गई हैं। वर्ष 2013-14 में जहां प्रतिदिन 28 लाख यात्री मेट्रो का उपयोग करते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1.12 करोड़ हो गई है। मेट्रो लाइन शुरू होने की गति नौ गुना बढ़ी है।

प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत अब तक 53.13 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से 55.6 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं, जबकि 66.6 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं। ग्रामीण परिवारों को ओवरड्राफ्ट के रूप में 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।

पुस्तक में बताया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई वर्ष 2014 में 91,287 किलोमीटर से बढ़कर 2024 में 1,46,195 किलोमीटर हो गई है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 60,000 किलोमीटर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित करने का है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कुल 7,948 परियोजनाओं में से जुलाई 2023 तक 74 प्रतिशत परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 11 करोड़ से अधिक किसानों को 3.7 लाख करोड़ रुपये सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। देश में कृषि निर्यात वर्ष 2013-14 के 1.94 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 4.12 लाख करोड़ रुपये हो गया है। दूध उत्पादन के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2014-15 में 146.3 मिलियन टन दूध उत्पादन के मुकाबले 2023-24 में यह बढ़कर 239.2 मिलियन टन हो गया है। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 319 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 471 ग्राम हो गई है। पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण से पिछले दस वर्षों में 1,13,007 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन गया है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च 2027 तक एक करोड़ घरों को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 50 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात वित्त वर्ष 2016 के 113 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 2.8 बिलियन डॉलर हो गया है। वर्ष 2030 तक रक्षा निर्यात को 5 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

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