
रांची.
झारखंड सरकार के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग (उच्च शिक्षा निदेशालय) ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से संचालित अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है, ताकि वित्तीय बाधाएं उनकी शैक्षणिक प्रगति में रोड़ा न बनें।
उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा की ओर से सभी विवि के रजिस्ट्रार को जारी पत्र में छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना से जोड़ने को कहा गया है। छात्रवृत्ति उन छात्राओं के लिए है जिन्होंने 10वीं-12वीं सरकारी स्कूलों से उत्तीर्ण की हो और शैक्षणिक सत्र 2025-26 में किसी मान्यता प्राप्त स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में नामांकन लिया हो। योजना के तहत चयनित छात्राओं को प्रतिवर्ष 30,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जिसका उपयोग ट्यूशन फीस या अन्य शिक्षा-संबंधी खर्चों में किया जा सकेगा। यह सहायता पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के लिए दी जाएगी।




