
पटना.
राज्य विधानसभा का बजट सत्र दो फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र के दौरान राज्य सरकार वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट तीन फरवरी को सदन में पेश करेगी, जबकि वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट नौ फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा।
संसदीय कार्य विभाग ने बजट सत्र के कार्यक्रम को लेकर औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। बजट सत्र के पहले दिन, दो फरवरी को राज्यपाल दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे। इसी दिन नए सदस्यों का शपथ ग्रहण भी कराया जाएगा।
इसके साथ ही सरकार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन में रखेगी, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास दर, राजस्व और व्यय से जुड़ी प्रमुख जानकारियां शामिल होंगी। तीन फरवरी को सरकार वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेगी। बजट प्रस्तुति के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद-विवाद की प्रक्रिया शुरू होगी।
चार फरवरी को सत्र की बैठक नहीं होगी। पांच फरवरी को सरकार राज्यपाल के अभिभाषण पर दिए गए सुझावों और सवालों का जवाब देगी। छह फरवरी को वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर सामान्य विमर्श होगा। सात और आठ फरवरी को भी सदन की बैठक नहीं बुलाई गई है। नौ फरवरी को आय-व्ययक पर सामान्य वाद-विवाद और सरकार का उत्तर होगा। इसी दिन सरकार वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट भी सदन में पेश करेगी।
दस फरवरी को आय-व्यय की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद के बाद मतदान कराया जाएगा। 11 फरवरी को तृतीय अनुपूरक बजट पर चर्चा और सरकार का जवाब होगा। 12 और 13 फरवरी को वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद और मतदान होगा। 14 और 15 फरवरी को बैठक नहीं होगी। इसके बाद 16 फरवरी से 20 फरवरी के बीच लगातार अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया चलेगी।
21 और 22 फरवरी को भी सदन की बैठक नहीं होगी। 23 फरवरी को विनियोग विधेयक पर वाद-विवाद और सरकार का उत्तर होगा। 24 से 26 फरवरी तक राजकीय विधेयकों और अन्य शासकीय कार्यों पर चर्चा की जाएगी। बजट सत्र के अंतिम दिन, 27 फरवरी को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य और गैर सरकारी संकल्प सदन में लिए जाएंगे।




