झज्जर के ‘लाल’ ने आखिरी विकेट लेकर दिलाया अंडर-19 वर्ल्ड कप, 4 साल की उम्र में थामा था बैट

झज्जर.
जिम्बाब्वे की धरती पर खेले गए अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप के रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के एक बड़े नायक झज्जर के गांव कुलाना निवासी ऑलराउंडर कनिष्क चौहान रहे, जिन्होंने मैच की आखिरी विकेट चटकाकर भारत की झोली में विश्व कप डाल दिया।
शुक्रवार को खेले गए इस हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में कनिष्क चौहान ने गेंद और बल्ले दोनों से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जब टीम को रनों की सख्त जरूरत थी, तब कनिष्क ने मात्र 20 गेंदों पर 37 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। गेंदबाजी में कनिष्क ने 8 ओवर के स्पेल में 63 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट झटके। सबसे खास पल वह रहा जब उन्होंने मैच की अंतिम विकेट लेकर भारतीय तिरंगा लहरा दिया।
इससे पहले 4 फरवरी को हुए सेमीफाइनल मुकाबले में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 55 रन देकर 2 विकेट हासिल किए थे।
चैंपियन का होगा शाही स्वागतकनिष्क की इस वैश्विक सफलता के बाद उनके पैतृक गांव कुलाना में दीपावली जैसा माहौल है। कनिष्क की मां सरिता चौहान ने खुशी जाहिर करते हुए हरियाणवी अंदाज में कहा कि हमें तो पहले ही पता था कि वो मैदान में धुम्मा ठा देगा।" उन्होंने बताया कि चैंपियन बेटे के घर लौटने पर उसका स्वागत उसकी पसंदीदा डिश देशी घी के चूरमे और गाजर के हलवे से किया जाएगा। गांव में जीत की खुशी में मिठाइयां बांटी जा रही हैं।
9 फरवरी को भव्य समारोह और जागरण
गांव कुलाना ने अपने लाडले के स्वागत के लिए पलक-पावड़े बिछा दिए हैं। कनिष्क के सम्मान में 9 फरवरी को गांव में एक विशाल सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसी दिन रात को परिवार की ओर से जीत की खुशी और कनिष्क के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक भव्य जागरण का भी आयोजन किया जाएगा।
4 साल की उम्र में थामी थी बैट –
26 सितंबर 2006 को जन्मे कनिष्क ने मात्र 4 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनकी प्रतिभा को देखते हुए परिवार साल 2014 में सिरसा शिफ्ट हो गया ताकि वे शाह सतनाम जी स्टेडियम में बेहतर ट्रेनिंग ले सकें। कनिष्क की सफलता को देखते हुए रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर अपनी टीम में शामिल किया है। साल 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले कनिष्क 'बेस्ट आलराउंडर आफ द सीरीज' भी रह चुके हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उनका रिकॉर्ड बेमिसाल रहा है, जहां वे लगातार दो बार 'मैन आफ द मैच' बने।




