
पटना.
पटना नगर निगम पर्षद की चतुर्थ विशेष बैठक शुक्रवार को होटल मौर्य में हुई। इसमें बिहार नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली 2023 एवं बिहार नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन (संशोधन) नियमावली 2025 के प्रविधानों के आलोक में पटना नगर निगम विज्ञापन (संशोधन) विनियम 2025 के प्रारूप पर विमर्श किया गया। सुझावों के बीच विज्ञापन संशोधन विनियम पारित किया गया। अध्यक्षता महापौर सीता साहू ने की।
सदस्यों ने ध्वनिमत से नए वित्तीय वर्ष से इसके क्रियान्वयन की मांग की। वर्ष 2014 से विज्ञापन शुल्क की वसूली नहीं होने के कारण नगर निगम को प्रतिवर्ष लगभग 70 से 120 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब तक अनुमानित 840 से 1440 करोड़ रुपये के विज्ञापन शुल्क की क्षति का अनुमान है। विज्ञापन एवं होर्डिंग से संबंधित 22 मामले अभी न्यायालय में लंबित हैं। पार्षदों ने कहा, सशक्त स्थायी समिति ने विनियम बनाने पर अपना काम सही से नहीं किया। सात फरवरी को आयोजित निगम पर्षद की 10वीं साधारण बैठक में कई पार्षदों ने प्रस्तावित विज्ञापन नियमावली पर असहमति जताई थी। इसके बाद विशेष बैठक बुलाई गई थी।
पार्षद विनय कुमार पप्पू ने अवैध विज्ञापनों को जनप्रतिनिधियों के प्रचार को संरक्षण का संकेत बताते हुए 20 वर्षों के राजस्व का श्वेतपत्र जारी करने की मांग की। एजेंसियों की जांच, बकाया वसूली, अवैध होर्डिंग हटाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। पार्षद सतीष गुप्ता ने पुराने डिफाल्टरों से पैसा सख्ती से वसूल करने की मांग की। सशक्त स्थायी समिति के सदस्य बिनोद कुमार ने कहा कि सार्वजनिक परिसंपत्तियों पर लगने वाले विज्ञापन की भी दर तय हो। पार्षद इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी ने अवैध होर्डिंग पर कार्रवाई करते हुए पुलिस चौकी व ट्रैफिक पुलिस पोस्ट के विज्ञापन को भी देखने को कहा। बैठक में उप महापौर रेशमी कुमारी भी मौजूद रहीं।
ई-निविदा से होगा एजेंसी का चयन, मनमानी पर 200 प्रतिशत जुर्माना
विज्ञापन के लिए नगर निगम अंतर्गत वर्गीकृत प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क एवं अन्य सड़कों के लिए जोन निर्धारण किया गया है। पंजीकरण शुल्क तीन साल के लिए 1,50,000 रुपये है, जबकि नवीकरण शुल्क 60,000 रुपये रखा गया है। एजेंसी का चयन ई-निविदा के माध्यम से होगा। मनमानी करने पर 200 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। पार्षद डॉ. आशीष कुमार सिन्हा के प्रस्तावों ने अनुसार, जोन के भौतिक सत्यापन के साथ ही सब जोन का भी निर्धारण होगा। सार्वजनिक स्थलों तथा निजी भूमि/भवन पर विज्ञापन दर कम से कम 50 रुपये वर्गफीट निर्धारित किया जाएगा। डा. आशीष ने जुर्माना का प्रविधान सख्त और स्पष्ट करने पर जोर दिया। कहा कि 2007 नहीं, विज्ञापन नियमावली 2023 के प्रविधानों को शामिल किया जाए।
विज्ञापन (संशोधन) विनियम का उद्देश्य
अवैध होर्डिंग्स पर नियंत्रण : यूनिपोल सहित सभी अनधिकृत संरचनाओं पर पूर्ण रोक।
राजस्व वृद्धि : नगर निकायों के लिए स्थायी एवं पारदर्शी आय सुनिश्चित करना।
सड़क सुरक्षा : यातायात नियमों का कड़ाई से पालन एवं दुर्घटनाओं में कमी।
शहरी सुंदरीकरण : सुव्यवस्थित एवं आकर्षक नगर छवि का निर्माण।
पारदर्शी प्रक्रिया : समस्त अनुमति प्रक्रिया पूर्णतः आनलाइन एवं पारदर्शी।
विज्ञापन की चार श्रेणियां
बड़े होर्डिंग्स/यूनिपोल : सार्वजनिक भूमि या निजी संपत्ति पर स्थापित बड़े आकार के विज्ञापन बोर्ड।
सार्वजनिक सुविधा स्थल : बस शेल्टर, पार्क, फुटपाथ जैसी सुविधाओं पर विज्ञापन।
वाहन-आधारित विज्ञापन : बसों, आटो, अन्य वाहनों पर प्रदर्शित विज्ञापन सामग्री।
स्व-विज्ञापन : व्यवसाय/प्रतिष्ठान द्वारा अपने परिसर पर लगाए गए नाम/पहचान बोर्ड।
(नोट : उपरोक्त चार श्रेणियों के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के विज्ञापन की अनुमति नहीं है।)
प्रतिबंधित विज्ञापन सामग्री
अश्लील सामग्री : आपत्तिजनक या अभद्र विषय-वस्तु पर पूर्ण प्रतिबंध।
सांप्रदायिक विद्वेष : जातीय या धार्मिक भेदभाव फैलाने वाली सामग्री वर्जित।
नशीले पदार्थ : शराब, तंबाकू एवं मादक पदार्थों का प्रचार निषिद्ध।
हिंसा एवं हथियार : हिंसा या शस्त्रों को प्रोत्साहित करने वाली सामग्री प्रतिबंधित।
कानूनी रूप से निषिद्ध वस्तुएं : विधि द्वारा प्रतिबंधित वस्तुओं या सेवाओं का विज्ञापन वर्जित।
निगम में बनेगी विज्ञापन प्रबंधन इकाई
विशेष बैठक में सर्वसम्मति से विज्ञापन प्रबंधन इकाई के गठन का निर्णय लिया गया। निगम क्षेत्र में विज्ञापनों से जुड़े सभी कार्यों की देखरेख, समन्वय और निगरानी करेगी। साथ ही नियमों के अनुपालन, राजस्व संग्रह और अवैध विज्ञापनों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाएगी।
रेलवे के बाद मेट्रो व एयरपोर्ट विज्ञापनों से भी निगम वसूलेगा 25 प्रतिशत शुल्क
रेलवे की तर्ज पर अब मेट्रो और एयरपोर्ट परिसरों में होने वाले विज्ञापनों से भी नगर निगम 25 प्रतिशत शुल्क वसूलेगा। वर्तमान में निगम अपने क्षेत्राधिकार के रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शित विज्ञापनों से 25 प्रतिशत शुल्क रेलवे से प्राप्त कर रहा है, और इसी व्यवस्था को मेट्रो व एयरपोर्ट पर भी लागू करने की तैयारी है।
10 दिनों में जारी होगा अंतिम प्रारूप
निगम पर्षद की चौथी विशेष बैठक में सदस्यों के सुझावों पर विचार करते हुए उन्हें सम्मिलित कर विज्ञापन संशोधन विनियम पारित करने की घोषणा की गई। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि प्राप्त सभी सुझावों को विनियम में शामिल किया जाएगा। 10 दिनों के भीतर अंतिम विनियम की प्रति सभी सदस्यों को उपलब्ध करा दी जाएगी। सहमति बनने के बाद इसे स्वीकृति हेतु विभाग और सरकार को भेजा जाएगा।
ई-निविदा का विरोध
नगर निकाय के कार्यों के लिए ई-निविदा नियम का पार्षदों ने एकस्वर में विरोध किया। मांग की कि पुरानी निविदा व्यवस्था लागू की जाए। छोटे कार्यों के लिए ई-निविदा उचित नहीं है। मेयर ने आश्वासन दिया किया मंत्री व मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी।




