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सबसे अधिक राजस्व मामले निस्तारित कर लखनऊ अव्वल, जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने फिर मारी बाजी

 
राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर

सीएम योगी की मॉनीटरिंग से प्रदेश में मामलों के निस्तारण में आया खासा सुधार
कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, आजमगढ़ तीसरे और जौनपुर चौथे स्थान पर

जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर  
 

लखनऊ,

प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की फरवरी माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले 15 माह से जौनपुर टॉप फाइव जिलों में बना हुआ है।
 
राजधानी में सबसे अधिक कुल 15,981 मामले निस्तारित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में पूरे प्रदेश में कुल 3,34,538 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया।

लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 15,981 मामले निस्तारित किए गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 14,132 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरा, आजमगढ़ 9,333 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है।
आजमगढ़ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप राजस्व मामलों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जनशिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रहीं हैं। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निपटाया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आजमगढ़ ने फरवरी में राजस्व मामलों के निस्तारण में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह जौनपुर ने 8,912 मामले निस्तारित कर चौथा और बाराबंकी ने 8,378 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।
 
जनपद स्तरीय न्यायालयों में जौनपुर ने मारी बाजी, 542 मामले किए निस्तारित
जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की फरवरी माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक के निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 542 मामलों का निस्तारण किया है। इसका अनुपात 216.80 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायालय में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 381 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर बस्ती और मानक 300 के सापेक्ष 353 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर प्रतापगढ़ है।
इसी तरह फरवरी में जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 86 मामलों का निस्तारण कर 286.67 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो प्रदेश भर में सबसे अधिक है और जौनपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। भदोही के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 69 मामले निस्तारित किए गये। वहीं, बिजनौर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 46 मामले निस्तारित किए गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किए गये मामलों में भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर है।

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