देश

होली के त्योहार पर प्रशासन सख्त, मिलावटी रंग और मिठाइयों की बिक्री पर कड़ी नजर

पंचकूला.

होली पर्व को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण में मनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त सतपाल शर्मा ने फूड सेफ्टी विभाग, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक तथा संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले की सभी दुकानों, मिठाई की दुकानों और रंगों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों का विशेष अभियान चलाकर निरीक्षण किया जाए।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बाजारों में किसी भी प्रकार का मिलावटी रंग, नकली या अस्वास्थ्यकर मिठाई और खाद्य सामग्री बिक्री के लिए उपलब्ध न हो। उपायुक्त ने कहा कि होली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मिठाइयों और रंगों की खरीदारी करते हैं। यदि इन वस्तुओं में मिलावट पाई जाती है तो यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजारों में नियमित रूप से सैंपलिंग की जाए और संदिग्ध वस्तुओं की तुरंत जांच करवाई जाए। किसी भी दुकानदार द्वारा मिलावटी रंग या मिठाई बेचते पाए जाने पर उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त ने पंचकूला और कालका के एसडीएम को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजारों और अस्थायी स्टॉलों पर नजर रखी जाए, ताकि त्योहार की आड़ में कोई भी व्यक्ति नियमों की अनदेखी न कर सके। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अधिकृत दुकानों से ही खरीदारी करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु की सूचना प्रशासन को दें।

होलिका दहन की दीं शुभकामनाएं
उपायुक्त ने जिलावासियों को होलिका दहन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली रंगों, उल्लास और भाईचारे का प्रतीक पर्व है। यह त्योहार समाज में प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन भक्त प्रहलाद की अटूट भक्ति और सत्य की विजय की कथा स्मरण की जाती है। श्रद्धालु पवित्र अग्नि के समक्ष नकारात्मकता का त्याग कर सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि त्योहार को शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान के साथ मनाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि सभी के लिए होली का पर्व सुरक्षित और आनंदमय बन सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button