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बिहार में 10-10 हजार रुपये ले चुकी महिलाओं का रोजगार सर्वे शुरू, जीविका कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया

 रजौली
 रजौली प्रखंड क्षेत्र में 28000 महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की सहायता प्राप्त करने वाली महिलाओं के रोजगार की स्थिति जानने के लिए व्यापक सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है।

इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर आत्मनिर्भर बनाना है। अब यह आकलन किया जा रहा है कि मिली आर्थिक सहायता का उपयोग किस प्रकार के व्यवसाय में किया गया और उसका वर्तमान स्वरूप क्या है। सर्वे की जिम्मेदारी जीविका समूह के कर्मियों को सौंपी गई है।

जीविका कर्मी मोबाइल एप के माध्यम से लाभुक महिलाओं से सीधे संपर्क कर रहे हैं। वे उनसे व्यवसाय की प्रकृति, आय की स्थिति, सामने आ रही चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं से संबंधित जानकारी जुटा रहे हैं। एकत्रित डेटा को तत्काल एप पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे विभागीय स्तर पर इसकी समीक्षा की जा सके।
किराना दुकान, सिलाई-कढ़ाई केंद्र, डेयरी, बकरी पालन समेत अन्य रोजगार के लिए लिए हैं रुपये

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कई महिलाओं ने किराना दुकान, सिलाई-कढ़ाई केंद्र, डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन और सब्जी बिक्री जैसे छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं। कुछ महिलाओं ने घर आधारित खाद्य सामग्री निर्माण का कार्य भी शुरू किया है।

सर्वे के माध्यम से यह भी देखा जाएगा कि व्यवसाय कितना सफल रहा और किन लाभुकों को आगे अतिरिक्त मार्गदर्शन या वित्तीय सहयोग की आवश्यकता है।

सरकार का मानना है कि सही मूल्यांकन के आधार पर अगली किस्त का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे और उनके आर्थिक सशक्तिकरण का लक्ष्य पूरा हो सके।

क्या कहते हैं जीविका बीपीएम?

रजौली जीविका के बीपीएम मनीष कुमार ने बताया कि सभी महिलाओं को प्रशिक्षण कार्य जल्दी शुरू कर दिया जाएगा।

 

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