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गैस सिलेंडर की किल्लत से पंजाब में 10 हजार शादियों पर संकट, सरकार ने तैयार किया एक्शन प्लान

लुधियाना.

खाड़ी देशों में बने युद्ध के हालात के मद्देनजर पंजाब में भी रसोई गैस की किल्लत गहरा सकती है। इसी के चलते सूबे के विभिन्न जिलों में लोगों के बीच खलबली का माहौल है। पंजाब सरकार हरकत में आ गई है। इसी स्थिति के मद्देनजर सरकार ने कालाबाजारी पर निगरानी और कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। सीएम भगवंत मान ने भी बारे में खाद्य आपूर्ति मंत्री से हालता पर चर्चा कर वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट ली।

इस युद्ध का असर पंजाब में रसोई गैस सिलिंडरों की उपलब्धता पर पड़ता दिख रहा है। विभिन्न जिलों में लोगों की भीड़ रसोई गैस एजेंसियों के बाहर लगनी शुरू हो गई है। विधानसभा में मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि आने वाली दिनों में पंजाब में करीब 10 हजार शादियां होनी वाली हैं और लोगों को यह चिंता सता रही है कि बिना रसोई गैस सिलिंडर ये शादियां कैसे निपटेंगी। प्रदेश में संभावित बिगड़ते हालात के चलते बुधवार को मंत्री कटारूचक्क् ने इंडियन ऑयल कंपनी, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के आला अफसरों और महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान तेल कंपनियों से रसोई गैस व व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की स्थिति संबंधी जानकारी मांगी गई। मंत्री ने बताया कि तेल कंपनियों ने फिलहाल आश्वस्त किया है कि अभी किसी तरह की कोई किल्लत नहीं है। मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और न ही सिलिंडरों व तेल का स्टॉक करने का प्रयास करें।

नंगल, बठिंडा प्लांट में आपूर्ति प्रभावित
कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने सदन में आरोप लगाते हुए बताया कि केंद्र सरकार हरियाणा के पानीपत स्थित प्लांट को 100 प्रतिशत सिलिंडरों की आपूर्ति कर रहा है लेकिन पंजाब के नंगल और बठिंडा प्लांटों की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। यहां अब न के बराकर आपूर्ति हो रही है, आगे हालात बिगड़ सकते हैं। मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि आप सरकार इस बाबत केंद्र को पत्र लिखकर देश और पंजाब में सिलिंडरों की उपलब्धता संबंधी स्थिति स्पष्ट करने की अपील करेगी।

उपलब्धता घटी तो स्टॉक घटेगा
पंजाब सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वर्तमान स्थिति के मद्देनजर जो भी पंजाब में तेल और रसोई गैस की कालाबाजारी करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य आपूर्ति मंत्री लालचंद बताते हैं कि इस बाबत सीएम भगवंत मान ने आदेश दे दिए हैं। इसके बाद सभी जिलों के डीसी और डीएफएससी को भी निर्देशित कर दिया है कि वे फील्ड में टीमें उतारकर कालाबाजारी पर निगरानी रखें। यदि उपलब्धता कम होगी तो निश्चित तौर पर स्टॉक भी घटेगा इसलिए लोग संयम बरतें और केंद्र सरकार जल्द स्थिति स्पष्ट करे।

जालंधर में गैस सिलेंडर, डीजल-पेट्रोल का जरूरी स्टॉक मौजूद- डीसी
जालंधर के डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने जिला वासियों को भरोसा दिलाया कि एलपीजी सिलेंडरों, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि जिले के पास जनता की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सप्लाई चेन उचित ढंग से काम कर रही है और जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जिले में एलपीजी, डीजल और पेट्रोल के स्टॉक पर निगरानी रखी जा रही है ताकि जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने इस संबंध में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड के अधिकारियों तथा गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मौजूदा स्टॉक का जायजा लिया।  उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की और कहा कि सक्षम अथॉरिटी से पुष्टि किए बिना किल्लत के बारे में गलत जानकारी फैलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जमाख़ोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए डा. अग्रवाल ने कहा कि अगर कोई ऐसा मामला सामने आता है तो जरूरी वस्तुएं अधिनियम-1955 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप एसोसिएशनों से भी कहा कि अगर कोई ऐसा मामला सामने आए तो तुरंत जिला प्रशासन के ध्यान में लाया जाए। बैठक के दौरान गैस एजेंसी अधिकारियों ने बताया कि एल.पी.जी. सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के लिए समय 25 दिन का होता है।  बैठक में सहायक कमिश्नर (यू.टी.) मुकिलन आर, डीएफएससी नरिंदर सिंह के अलावा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड के अधिकारी तथा गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप एसोसिएशनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

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