भोपाल नगर निगम में लोकायुक्त का छापा, करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले की जांच शुरू, 10 साल के रिकॉर्ड जब्त

भोपाल
नगर निगम में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त पुलिस की विशेष टीम ने फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और एक अन्य दफ्तर पर दबिश दी।यह कार्रवाई निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान की शिकायतों के बाद की गई है। लोकायुक्त की टीम शुक्रवार सुबह ठीक उस वक्त निगम दफ्तर पहुँची जब कर्मचारी अपनी सीटें संभाल ही रहे थे।
फायनेंस और कंप्यूटर शाखा लोकायुक्त के घेरे में
टीम ने सबसे पहले फायनेंस और कंप्यूटर शाखा को अपने घेरे में लिया। जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ ऑफिस खुलते ही लोकायुक्त की टीम वहाँ पहुँच गई थी।
बताया जा रहा है कि लोकायुक्त को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि निगम में बिना किसी जमीनी काम के, केवल कागजों पर फर्जी बिल लगाकर भुगतान का खेल चल रहा है।
लोकायुक्त की दो अलग-अलग टीमें दोनों कार्यालयों में जांच कर रही हैं। कम्प्यूटर शाखा में नगर निगम से जुड़े महत्वपूर्ण ऑनलाइन रिकॉर्ड और लेखा-जोखा रखा जाता है, इसलिए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
संबल योजना के दस्तावेज खंगाले
टीम ने संबल योजना से जुड़े रिकॉर्ड और ऑनलाइन एंट्री की जांच शुरू की है। इसके साथ ही अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है।
फतेहगढ़ स्थित कार्यालय में मौजूद तीन कर्मचारियों वसीम, सोहेल और पंकज से अंदर पूछताछ की जा रही है। टीम ने सुबह करीब 11:30 बजे दोनों स्थानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई शुरू की।
22 फरवरी को नए भवन में हुई थी शिफ्टिंग
फतेहगढ़ में स्थित नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा को 22 फरवरी को लिंक रोड नंबर-2 पर बने नए भवन में शिफ्ट किया गया था। रेड के दौरान दोनों इमारतों में रखे दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
कम्प्यूटर शाखा में होते हैं ये ऑनलाइन कार्य
नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा में संबल योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े काम संचालित होते हैं। लोकायुक्त टीम इनसे संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
दस साल पुराना रिकार्ड को जब्त किया जा रहा
इस दौरान पिछले करीब 10 साल के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस इस मामले में नगर निगम के दो ऑफिस बॉय और एक ऑपरेटर से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फर्जी बिल लगाकर भुगतान कराने का मामले से जुड़ी शिकायत के बाद कार्रवाई की गई है।
लोकायुक्त की टीम पुराने दस्तावेजों और भुगतान से जुड़ी फाइलों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। संबल योजना और कर्मकार मंडल के तहत 2023 में 2 करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े मामले से जुड़े रिकॉर्ड लोकायुक्त की टीम खंगाल रही है।
एक दशक पुराने दस्तावेजों की जब्ती
कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस ने शिकायतों के आधार पर पिछले 10 वर्षों के पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए हैं।
यह संकेत देता है कि यह घोटाला किसी एक कार्यकाल का नहीं, बल्कि एक दशक से चल रहा एक संगठित भ्रष्टाचार है। जांच टीम अब इन दस्तावेजों का मिलान जमीनी हकीकत से करने की तैयारी में है।




