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पचपदरा रिफाइनरी में टेस्टिंग शुरू: राजस्थान में 50 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

बालोतरा.

पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास की धुरी बन रही पचपदरा रिफाइनरी अब पूर्णता की ओर तेजी से अग्रसर है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और क्रूड ऑयल की प्रोसेसिंग और टेस्टिंग भी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साथ क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब स्थापित होने से जिले का औद्योगिक भविष्य नई दिशा लेता नजर आ रहा है।

रोजगार का बढ़ेगा दायरा
रिफाइनरी के आसपास सहायक उद्योगों के विकास के लिए राजस्थान पेट्रो जोन स्थापित किया गया है। इन उद्योगों में रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने हाल ही में अपने बजट में बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब स्थापित करने की घोषणा की है।

क्या कहना है विशेषज्ञों का
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हब स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ेगा। वर्तमान में बालोतरा क्षेत्र में कपड़ा उद्योग में 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। जबकि टाई-डाई उद्योग में करीब 20 से 25 हजार लोग कार्यरत हैं। पेट्रोजोन के विकसित होने के साथ करीब 50 हजार नए रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे क्षेत्र में रोजगार का दायरा और व्यापक होगा।

औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
रिफाइनरी से निकलने वाले बाय-प्रोडक्ट आधारित पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। कौशल विकास हब की स्थापना से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा। बल्कि क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ेगी
वहीं, उद्योगों की बढ़ती विविधता के साथ कुशल मानव संसाधन की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में स्किल डवलपमेंट हब स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करेगा और उद्योगों को प्रशिक्षित वर्कफोर्स उपलब्ध कराएगा।

प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी 
बालोतरा में स्किल डेवलपमेंट हब की स्थापना समय की आवश्यकता थी। रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण मिलने से उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उद्योगों को भी कुशल मानव संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
-रमेश जैन भाया, उद्यमी

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