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नवयुग पालिका योजना को योगी कैबिनेट की मंजूरी

नवयुग पालिका योजना को योगी कैबिनेट की मंजूरी

58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों का होगा समग्र विकास

स्मार्ट सॉल्यूशन्स से डिजिटल गवर्नेन्स को मिलेगा बढ़ावा

क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ
 प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन के विस्तार और संतुलित शहरी विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में “नवयुग पालिका योजना” को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत 58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। राज्य सरकार ने पहली बार नगर निगमों से बाहर के नगरीय निकायों, विशेषकर जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को प्राथमिकता देते हुए विकास की नई रूपरेखा तैयार की है। योजना के अंतर्गत 55 नगर पालिका परिषदों, 3 नगर पंचायतों तथा गौतमबुद्धनगर की दादरी नगर पालिका परिषद को शामिल किया गया है।

5 वर्षों में 2916 करोड़ रुपये का निवेश
योजना के तहत प्रत्येक वर्ष 583.20 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी, इस तरह 5 वर्षों (2025-26 से 2029-30) में कुल 2916 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना है, जिसमें केंद्र सरकार की कोई भागीदारी नहीं होगी। नवयुग पालिका योजना के माध्यम से स्मार्ट सिटी की तर्ज पर डिजिटल गवर्नेन्स, ई-सेवाओं और तकनीकी समाधान को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे नागरिक सेवाएं अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनेंगी।

आधारभूत ढांचे का उन्नयन और जीवन स्तर में सुधार
योजना का मुख्य उद्देश्य नगरीय निकायों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना तथा नागरिकों के जीवन स्तर (ईज ऑफ लिविंग) में सुधार लाना है। इसके तहत सड़कों, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा। जिला मुख्यालयों को विकसित करने से विभिन्न मंडलों के बीच विकास असमानताओं को कम करने में मदद मिलेगी। इससे नगर निगमों से बाहर के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित होगा।

चयन और क्रियान्वयन की स्पष्ट व्यवस्था
परियोजनाओं के चयन के लिए जनपद स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा, जबकि राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा परीक्षण के बाद सक्षम स्तर से अनुमोदन दिया जाएगा। इसके बाद ही विकास कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों में विभाजित किया निकाय
प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शहरों के समग्र और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार बड़े नगर निगमों में स्मार्ट सिटी योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, उसी तर्ज पर अब जिला मुख्यालय स्तर के नगर पालिका क्षेत्रों को भी विकसित किया जाएगा। “नवयुग पालिका योजना” इसी सोच का परिणाम है। इसके अंतर्गत उत्सव भवन, ऑडिटोरियम, प्रदर्शनी केंद्र, पार्कों का विकास तथा विद्युत व्यवस्था के आधुनिकीकरण जैसे कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निकायों को उनकी जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों (डेढ़ लाख से अधिक और डेढ़ लाख से कम आबादी) में विभाजित किया गया है, ताकि उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा सके।

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