
पटना।
बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। जहां मार्च के अंत में गर्मी चरम पर होनी चाहिए थी, वहीं अब आसमान में चक्रवाती जाल बुन रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने 31 मार्च और 1 अप्रैल को लेकर राज्य में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें बिजली गिरने और तेज आंधी की गंभीर चेतावनी दी गई है।
जान-माल का खतरा
बिहार के अधिकांश जिलों में हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। यह रफ्तार इतनी तेज है कि कच्चे मकानों, टीन शेड और पुराने पेड़ों को उखाड़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मौसमी उलटफेर अचानक बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण का परिणाम है।
वज्रपात और ओलावृष्टि
राज्य में केवल बारिश ही नहीं, बल्कि वज्रपात का भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और मवेशियों के लिए यह समय बेहद जोखिम भरा है। इसके साथ ही कई हिस्सों में होने वाली ओलावृष्टि रबी की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें।
सावधानी ही बचाव है
बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे मेघगर्जन के समय सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें। मार्च का यह तूफानी अंत आने वाले गर्मी के सीजन के लिए एक असामान्य शुरुआत का संकेत दे रहा है।


