गुरुग्राम में यू-टर्न अंडरपास प्रोजेक्ट, यात्रियों का समय और ईंधन बचेगा

गुरुग्राम
द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित बिजवासन टोल प्लाजा पर यू-टर्न अंडरपास निर्माण की तैयारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने शुरू कर दी है। मौजूदा वक्त में यहां यू-टर्न की सुविधा न होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। कई बार लोग टोल से बचने के लिए गलत दिशा में गाड़ी चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग साढ़े आठ एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसमें कुछ हिस्सा जीएमडीए का और कुछ निजी बिल्डरों का है। इस दो लेन के अंडरपास के बनने से यात्रियों का समय और ईंधन बचेगा।
जमीन मिलने के बाद बनाया जाएगा इस्टीमेट
इसमें कुछ जमीन गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की है तो कुछ बिल्डरों की है। जमीन मिलने के बाद इस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। गत 28 जनवरी को एनएचएआई अध्यक्ष संतोष यादव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। इसमें जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम के आयुक्त और जिला उपायुक्त मौजूद थे।
बिजवासन टोल प्लाजा के समीप यू-टर्न नहीं
अधिकारियों ने बैठक में बताया था कि बिजवासन टोल प्लाजा के समीप यू-टर्न नहीं है। बजघेड़ा निकासी पर यदि वाहन चालक नहीं उतर पाता है तो वह बिजवासन टोल प्लाजा पर पहुंच जाता है। टोल से बचने के लिए वाहन चालक गलत दिशा में वाहन चलाते हैं। स्थानीय लोगों की तरफ से भी बिजवासन टोल प्लाजा पर यू-टर्न निर्माण का आग्रह किया है।
मौके पर यदि नहीं होगी सरकारी जमीन तो होगा अधिग्रहण
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अध्यक्ष ने इस बैठक में आदेश जारी किए थे कि यदि मौके पर सरकारी जमीन है तो उसे जीएमडीए के माध्यम से लिया जाए। निजी जमीन यदि यू-टर्न के निर्माण में आ रही है तो उसका अधिग्रहण किया जाए। इसको लेकर एनएचएआई के परियोजना अधिकारी ने एक सलाहकार कंपनी को यू-टर्न निर्माण के लिए सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
कंपनी से सर्वे कर के एनएचएआई को सौंपी रिपोर्ट
सलाहकार कंपनी ने सर्वे करके रिपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के हवाले कर दी है। इसके मुताबिक दो लेन के यू-टर्न अंडरपास के निर्माण के लिए जीएमडीए की करीब पौने सात एकड़ जमीन की जरूरत है। पौने दो एकड़ जमीन आसपास रिहायशी और व्यावसायिक परियोजना बना रहे बिल्डरों की है।
लोगों को परेशानी हो रही
सलाहकार कंपनी ने बताया कि यू-टर्न की कमी से दैनिक यात्रियों के लिए यात्रा की दूरी और समय में वृद्धि हुई है। अनावश्यक ईंधन की खपत और परिचालन अक्षमताएं बढ़ी हैं। टोल प्लाजा और विलय क्षेत्रों के पास यातायात बढ़ा है। गलत दिशा में चलने से हादसे की संभावना है। अचानक लेन बदलने से दुर्घटनाओं का खतरा है।




