
रायपुर : छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी रायपुर में मिशन कर्मयोगी के तहत संस्थागत क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित
40 विभागों के अधिकारियों की सहभागिता
प्रशिक्षण और नवाचार पर हुआ गहन मंथन
रायपुर
क्षमता विकास आयोग, भारत सरकार के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, रायपुर द्वारा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत एक दिवसीय संस्थागत क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ शासन के लगभग 40 विभागों के नोडल अधिकारी, सचिव स्तर के अधिकारी तथा क्षमता विकास आयोग, नई दिल्ली के पर्यवेक्षक ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यशाला को चार थीम आधारित सत्रों में विभाजित किया गया था। उद्घाटन सत्र में सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग अविनाश चंपावत ने कार्यशाला के औचित्य, उद्देश्य एवं लक्ष्यों पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए क्षमता निर्माण की आवश्यकता और प्रशासनिक दक्षता के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रथम सत्र में विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए गए। आईएएस अधिकारी कार्तिकेय गोयल ने “रोल आधारित क्षमता निर्माण एवं प्रदर्शन” विषय पर अपने विचार साझा किए। प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुब्रत साहू ने “प्रशिक्षण संस्थानों की शक्ति आधारित भूमिका” पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। ट्रिपल आईटी रायपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर ओ.पी. व्यास ने “AI टेक्नोलॉजी के उपयोग एवं शिक्षण पद्धति” विषय पर नवीन तकनीकी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। वहीं, आई-गॉट कर्मयोगी की स्टेट नोडल ऑफिसर एवं अवर सचिव श्रीमती अंजू सिंह ने राज्य में कैडर आधारित प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी दी।
द्वितीय सत्र में सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को चार समूहों में विभाजित कर थीम आधारित प्रेजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात तृतीय सत्र में समूहों द्वारा अपने-अपने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए गए, जो इस कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण रहा।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की नोडल अधिकारी डॉ. अनुराधा दुबे ने अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर “संस्थागत प्रशिक्षण की भूमिका, उद्देश्य, लक्ष्य, चुनौतियां एवं समाधान” विषय पर एक समग्र प्रस्तुति दी। इस प्रेजेंटेशन में पर्यटन विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी प्रमील वर्मा, आईएचएम रायपुर की प्रोफेसर श्रीमती प्रिया शर्मा, सीनियर मैनेजर आईटी विकेश ऊके सहित महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, मत्स्य, पशुपालन, खेल एवं युवा कल्याण, वाणिज्य एवं उद्योग तथा परिवहन विभाग के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यशाला का समापन चतुर्थ सत्र में प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू के प्रेरक समापन उद्बोधन के साथ हुआ। कार्यक्रम के अंत में डायरेक्टर महावर ने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह कार्यशाला प्रशासनिक क्षमता विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है, जिससे विभागों के बीच समन्वय, नवाचार और दक्षता को नई दिशा मिलेगी।




