
पटना.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे से लौटते ही एक्शन मोड में होंगे। प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात के बाद बुधवार शाम छह बजे उन्होंने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी दूसरी कैबिनेट बैठक है, लेकिन राजनीतिक लिहाज से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली में पीएम से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ के विजन पर मार्गदर्शन मिलने की बात कही। इसे सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले फैसलों के लिए केंद्रीय नेतृत्व से ‘ग्रीन सिग्नल’ के तौर पर देखा जा रहा है।
कैबिनेट में दिखेगा पावर बैलेंस?
कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद रहेंगे। फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने के कारण सभी विभाग इन्हीं तीन नेताओं के पास हैं। ऐसे में आज की बैठक में लिए जाने वाले फैसले सरकार की प्राथमिकताओं और सत्ता के भीतर पावर बैलेंस को भी साफ कर सकते हैं।
विश्वासमत से पहले ‘मैसेज पॉलिटिक्स’
24 अप्रैल को होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में सम्राट चौधरी को विश्वासमत हासिल करना है। इससे ठीक पहले कैबिनेट बैठक को ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार कुछ बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों के जरिए राजनीतिक बढ़त लेने की कोशिश कर सकती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है।
भाजपा संगठन से भी साधा तालमेल
दिल्ली दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने भाजपा नेतृत्व से भी मुलाकात की। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ उनकी बैठक को संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।




