ब्रायन लारा बर्थडे: ‘मैराथन मैन’ जिसने क्रिकेट में रचे इतिहास

नई दिल्ली
क्रिकेट की दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की लिस्ट जब बनाई जाएगी तो ये वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के बिना अधूरी रहेगी। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने बल्ले से ऐसी-ऐसी पारियां खेली हैं जिनकी मिसाल आज भी दी जाती है और इसलिए उन्हें क्रिकेट का मैराथन मैन भी कहा जाए तो कम नहीं होगा। आज यानी दो मई को इन्हीं लारा का जन्मदिन है।
लारा का जन्म त्रिनिदाद में साल 1969 में हुआ था। इस खिलाड़ी ने अपने देश के लिए कुल 131 टेस्ट मैच खेले और 52.88 की औसत से 11,953 रन बनाए। वहीं वनडे में उन्होंने देश के लिए 299 वनडे मैच खेले जिसमें 40.48 की औसत से 10,405 रन बनाए। टेस्ट में उनके नाम 34 शतक और 48 अर्धशतक हैं। वहीं वनडे में उन्होंने अपने देश के लिए 19 शतक और 63 अर्धशतक जमाए हैं।
22 साल से नहीं टूटा रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट में लारा का जलवा रहा है। उनके नाम टेस्ट की एक पारी में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड है। लारा ने इंग्लैंड के खिलाफ 10 अप्रैल 2004 को सेंट जोंस में नाबाद 400 रनों की पारी खेली थी। ये आज भी टेस्ट की एक पारी में किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे ज्यादा स्कोर है। लारा टेस्ट क्रिकेट में 400 रन बनाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं। लारा ने अपने करियर में दो बार 300 का आंकड़ा हुआ है। वह ऐसा करने वाले सिर्फ चौथे बल्लेबाज हैं। उनके अलावा ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रेडमैन, उनके ही देश के क्रिस गेल और भारत के वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट में दो बार 300 का आंकड़ा पार किया है।
400 के बाद लारा का टेस्ट में दूसरे बेस्ट स्कोर 375 रन है जो उन्होंने सेंट जोंस मैदान पर ही इंग्लैंड के खिलाफ ही साल 1994 में बनाया था। लंबे समय तक उनका ये स्कोर टेस्ट का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी था। जिसे बाद में ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने तोड़ा था। हेडन ने नौ अक्टूबर 2003 को पर्थ में जिम्बाब्वे के खिलाफ 389 रनों की पारी खेली थी। लारा ने छह महीने में ही टेस्ट में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ पारी का रिकॉर्ड दोबारा अपने नाम कर लिया था।
लारा ने बनाए 500 रन
इंटरनेशनल क्रिकेट में टेस्ट में लारा ने नाबाद 400 रन बनाए, लेकिन उन्होंने 500 रनों का आंकड़ा भी छुआ है। उन्होंने इंग्लैंड की काउंटी वार्विकशर के लिए खेलते हुए डरहम के खिलाफ साल 1994 में नाबाद 501 रनों की पारी खेली थी। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ये किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर है। ये रिकॉर्ड भी 32 सालों से नहीं टूटा है। लारा को पता था कि टेस्ट में लंबी पारियां कैसे खेलनी है और विकेट पर कैसे टिके रहना है और इसलिए उन्हें क्रिकेट का मैराथन मैन कहा जाए तो गलती नहीं होगी।




