केंद्र बनाम राज्य: राष्ट्रपति मुर्मु से पंजाब के मुद्दों पर राघव चड्ढा और सीएम भगवंत मान की मुलाकात

चंडीगढ़
आम आदमी पार्टी के छह राज्यसभा सदस्यों के साथ भाजपा में शामिल होने वाले राघव चड्ढा मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलेंगे। चड्ढा ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा था और राष्ट्रपति ने उन्हें मंगलवार को सुबह 10:40 बजे का समय दिया है।
चड्ढा के साथ दो अन्य राज्यसभा सदस्य भी राष्ट्रपति से मिलेंगे। खास बात यह है कि इसी दिन दोपहर 12 बजे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं। पता चला है कि राघव चड्ढा राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान उन्हें पंजाब सरकार की ओर से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों पर की जा रही कार्रवाई से अवगत करवाएंगे।
उधर, मुख्यमंत्री भगवंत मान की राष्ट्रपति से मुलाकात को भी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान एक मई को विधानसभा के बुलाए गए विशेष सत्र में पहले ही कह चुके हैं कि वे राष्ट्रपति से मिलकर दल बदल कानून में संशोधन की मांग करेंगे।
इसके साथ ही वे विधानसभा में पास हुए विश्वास प्रस्ताव से भी उन्हें अवगत करवाएंगे। मान ने कहा था कि पंजाब देश का पहला राज्य बन जाएगा जो दल बदल कानून में बदलाव की मांग करेगा।
भगवंत मान भी राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात
इसी दिन दोपहर 12 बजे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे. उनकी इस मुलाकात को भी काफी अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि वह दल-बदल कानून को लेकर अपनी सरकार का रुख साफ करेंगे और उसमें बदलाव की मांग उठाएंगे।
दल-बदल कानून में बदलाव की मांग
भगवंत मान पहले ही विधानसभा के विशेष सत्र में यह संकेत दे चुके हैं कि वह राष्ट्रपति से मिलकर दल-बदल कानून में संशोधन की मांग करेंगे. उनका कहना है कि मौजूदा कानून में कई खामियां हैं, जिनका फायदा उठाकर जनादेश के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. मान ने यह भी कहा था कि पंजाब ऐसा पहला राज्य बन सकता है, जो इस कानून में बदलाव की पहल करेगा।
विश्वास प्रस्ताव का भी जिक्र
मुख्यमंत्री मान राष्ट्रपति को विधानसभा में पास हुए विश्वास प्रस्ताव की जानकारी भी देंगे. उनका उद्देश्य यह दिखाना है कि सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है और वह स्थिर स्थिति में काम कर रही है।
एक ही दिन में राघव चड्ढा और भगवंत मान की राष्ट्रपति से मुलाकात को राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर है और केंद्र स्तर पर अपनी बात मजबूती से रखना चाहती है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.




