प्रदेश

क्लीन पंजाब अभियान के निरीक्षण में पहुंचे मंत्री हरजोत बैंस, सफाईकर्मियों ने उठाया 2 महीने की बकाया सैलरी का मुद्दा

चंडीगढ़ 

क्लीन पंजाब मिशन का जायजा लेने स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत बैंस शुक्रवार को लुधियाना पहुंचे। उन्होंने अलग-अलग इलाकों में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और सफाई कर्मियों को शहर को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। दलित विकास बोर्ड के चेयरमैन विजय दानव भी इस मौके पर मौजूद रहे। सफाई कर्मियों ने मंत्री से कहा कि यदि समय पर वेतन मिल जाए तो वे लुधियाना को पूरी तरह साफ-सुथरा रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कर्मचारियों ने बताया कि लुधियाना नगर निगम में करीब 1,000 सफाई कर्मी कार्यरत हैं, जिन्हें दो से तीन महीने से वेतन नहीं मिला है।

कर्मचारियों का कहना था कि वेतन समय पर न मिलने से उनके परिवारों का भरण-पोषण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वे सफाई कर क्षेत्र को साफ करते हैं, लेकिन लोग फिर से कूड़ा फेंक देते हैं, ऐसे में सफाई कर्मचारियों की क्या गलती है।

मंत्री ने मौके पर अधिकारियों से कर्मचारियों को वेतन न मिलने का कारण पूछा। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलेगा तो वे अपना घर कैसे चलाएंगे। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भुगतान प्रणाली को दुरुस्त करने और सिस्टम को अपग्रेड करने के निर्देश दिए।

अब 4 पॉइंट्स में पढ़िए मंत्री और सफाई कर्मियों की बातचीत:-

    साहब, 5:30 बजे आ जाते हैं सुबह: सफाई कर्मियों ने मंत्री को कहा कि वो सुबह साढ़े पांच बजे सड़क पर आकर सफाई शुरू कर देते हैं। लोगों के उठने से पहले शहर में सफाई हो जाती है। जब लोग उठते हैं तो वो फिर से सड़कों पर गंदगी फैला देते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए कोई मैकेनिज्म तैयार किया जाए। जोनल कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों ने भी कहा कि यह सफाई व्यवस्था में सबसे बड़ी बाधा है।

    फाइल मूवमेंट सिस्टम ठीक करने की जरूरत: दलित विकास वोर्ड के चेयरमैन विजय दानव ने भी सफाई कर्मियों की इस दिक्कत के लिए सिस्टम को गलत बताया। उन्होंने कहा कि लुधियाना नगर निगम में 1000 के करीब सफाई कर्मी हैं, जो मस्ट्रोल रेट पर काम करते हैं। उनका वेतन जारी करने के लिए फाइल पहले मेयर के पास जाती है और फिर स्टेप बाई स्टेप ब्रांच तक आती है। फिर ब्रांच से फाइल ऊपर मेयर तक जाती है। ऐसा करने में दो से तीन महीने लग जाते हैं और कर्मचारियों को उतनी देर वेतन नहीं मिलते। उन्होंने मंत्री को कहा कि फाइल मूवमेंट सिस्टम में सुधार करने की जरूरत है।

    सरकार ने कर्मचारी पक्के किए तो ऐसा क्यों: हरजोत बैंस ने अफसरों को कहा कि पंजाब सरकार ने जब सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का कर दिया तो फिर इन्हें वेतन क्यों नहीं मिल रहा? जोनल कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों ने बताया कि पंजाब सरकार ने जब कर्मचारियों को पक्का किया तो उसमें लुधियाना नगर निगम के 1000 के करीब कर्मचारी पक्के नहीं हो पाए। क्योंकि वो ओवर ऐज हो गए थे।

    बेलदार, माली व ड्राइवर पक्के नहीं किए: उन्होंने कहा कि उस समय ऐसे कर्मचारी पक्के हो गए, जिन्होंने दो या तीन साल काम किया जबकि ये 20-20 साल से निगम में काम कर रहे थे। ये कर्मचारी अब मस्ट्रोल बेस पर काम करते हैं। इसके अलावा सरकार ने सफाई कर्मी व सीवरमैन पक्के कर दिया लेकिन बेलदार, माली व ड्राइवर पक्के नहीं किए। उनके वेतन को लेकर भी दिक्कतें आती हैं।

शहर के 33 प्रतिशत स्टेटिक कंपेक्टर खराब
सफाई कर्मियों का कहना है कि लुधियाना में 33 साइट्स पर स्टेटिक कंपेक्टर लगाए गए हैं, जिनमें से लगभग 33 प्रतिशत खराब पड़े हैं। उनका कहना है कि कंपेक्टर खराब होने की स्थिति में उन्हें कूड़ा डंप साइट पर फेंकने के लिए शाम पांच बजे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। उन्होंने मंत्री से मांग की कि स्टेटिक कंपेक्टर के पास ओपन डंपिंग साइट भी बनाई जाए, ताकि वे कूड़ा वहां डालकर वापस लौट सकें और संबंधित कंपनी अपने स्तर पर उसे कंपेक्टर में डाले।

मंत्री ने शहर के अलग-अलग इलाकों में लिया जायजा
बता दें कि, मंत्री हरजोत बैंस ने बीआरएस नगर, मॉडल टाउन, मॉडल टाउन एक्सटेंशन, समराला चौक, ऋषि नगर, चौड़ा बाजार, घंटाघर समेत अलग-अलग इलाकों में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उसके बाद उन्होंने नगर निगम मुख्यालय जोन ए में मेयर के साथ बैठक की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button